अमरावती (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के अमरावती जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे देश के साथ-साथ कॉर्पोरेट और सोशल मीडिया जगत को भी स्तब्ध कर दिया है। परतवाड़ा इलाके में 19 वर्षीय अयान अहमद तनवीर को नाबालिग लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाने, उन्हें ब्लैकमेल करने और सोशल मीडिया पर वायरल करने के संगीन आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बेहद डरावने हैं—दावा किया जा रहा है कि आरोपी ने करीब 180 मासूम लड़कियों को अपना शिकार बनाया और उनके 350 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किए।
दोस्ती का झांसा और फिर ‘ब्लैकमेलिंग’ का जाल
पुलिस जांच में आरोपी अयान अहमद की खौफनाक कार्यप्रणाली का पर्दाफाश हुआ है। वह पहले सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग लड़कियों से दोस्ती करता और उन्हें प्रेम जाल में फंसाता था। जब लड़कियां उस पर भरोसा करने लगती थीं, तो वह उनका शारीरिक शोषण करता था। इस दौरान वह चोरी-छिपे वीडियो रिकॉर्ड कर लेता था, जिसकी भनक पीड़ितों को नहीं होती थी। बाद में इन्हीं वीडियो के जरिए वह लड़कियों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर ब्लैकमेल करता था।
AIMIM से जुड़ा था आरोपी, मोबाइल से खुले गहरे राज
आरोपी अयान अहमद तनवीर के बारे में जानकारी मिली है कि वह पहले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम (AIMIM) से जुड़ा रहा है। अमरावती ग्रामीण पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाया और उसे परतवाड़ा से धर दबोचा। पुलिस ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया है, जो इस पूरे कांड का सबसे बड़ा सबूत साबित हो रहा है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, पॉक्सो (POCSO) एक्ट और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
सांसद डॉ. अनिल बोंडे की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई
इस काली करतूत का भंडाफोड़ तब हुआ जब राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल बोंडे और भाजपा प्रवक्ता शिवराय कुलकर्णी ने पुलिस में ठोस शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अयान के साथी उजेर खान इकबाल खान को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उजेर खान वीडियो को डाउनलोड कर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने में अयान की मदद करता था। साइबर सेल अब उन तमाम लिंक और वीडियो को इंटरनेट से हटाने की कोशिश कर रही है ताकि पीड़ितों की निजता सुरक्षित रहे।
देवेंद्र फडणवीस का कड़ा रुख, 21 अप्रैल तक पुलिस रिमांड
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस को इसे ‘संगठित अपराध’ की श्रेणी में रखकर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। मुख्य आरोपी अयान अहमद को कोर्ट ने 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम अब उसके फोन से डिलीट किए गए डेटा को रिकवर कर रही है ताकि उन सभी 180 पीड़ितों तक पहुंचा जा सके जिन्हें इस दरिंदे ने निशाना बनाया था। स्थानीय प्रशासन ने जनता से अपील की है कि इन वीडियो को किसी भी सूरत में आगे शेयर न करें, अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।















