लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। अप्रैल के महीने में ही जेठ जैसी तपिश महसूस होने लगी है। आलम यह है कि सुबह होते ही सूरज की किरणें आग उगलने लगती हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में उष्ण लहर (Heatwave) यानी लू चलने के प्रबल आसार हैं।
प्रयागराज में पारा 44 डिग्री के पार, लखनऊ भी झुलसा
प्रदेश में सोमवार को संगम नगरी प्रयागराज सबसे गर्म जिला रहा, जहाँ अधिकतम तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजधानी लखनऊ भी पीछे नहीं रही, यहाँ पारा 41.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया। वाराणसी और बहराइच जैसे जिलों में भी भीषण लू की स्थिति बनी रही। वहीं, बाराबंकी, सुल्तानपुर, शाहजहांपुर और हरदोई में भी गर्मी ने लोगों का पसीना छुड़ा दिया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आंतरिक महाराष्ट्र के ऊपर बने एक एंटी-साइक्लोन और निचले क्षोभ मंडल में आ रही गर्म हवाओं के कारण उत्तर प्रदेश के तापमान में यह उछाल देखने को मिल रहा है।
अगले 5 दिन रहेंगे भारी, रात में भी नहीं मिलेगी राहत
मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि आने वाले एक सप्ताह तक मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा। 21 अप्रैल के बाद तापमान में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है। विभाग ने अगले पांच दिनों के लिए प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लू (Loo) चलने का अलर्ट जारी किया है। सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। विशेषकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाकों में अगले दो दिनों तक ‘ऊष्ण रात्रि’ (Warm Night) की स्थिति बनी रह सकती है, यानी रात में भी उमस और गर्मी से चैन नहीं मिलेगा।
क्यों बढ़ रही है इतनी गर्मी?
मौसम विभाग की मानें तो उत्तराखंड के तराई क्षेत्रों को छोड़कर पूरे उत्तर प्रदेश में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है। आसमान पूरी तरह साफ होने के कारण सीधी धूप धरती पर पड़ रही है। प्रतिचक्रवात के प्रभाव से हवाओं की दिशा में बदलाव आया है, जिससे राजस्थान और मध्य भारत की गर्म हवाएं सीधे यूपी के मैदानी इलाकों में प्रवेश कर रही हैं। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने और अधिक से अधिक तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी है।











