कानपुर डबल मर्डर: बेटियों के कातिल पिता का खौफनाक कबूलनामा, भाई को किया था कॉल, 15 दिन में चार्जशीट की तैयारी

कानपुर। औद्योगिक नगरी के किदवईनगर स्थित त्रिमूर्ति अपार्टमेंट में हुई जुड़वां बहनों की नृशंस हत्या के मामले में हर दिन रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं। सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी पिता शशिरंजन ने पुलिस पूछताछ में उस काली रात की एक-एक पल की कहानी बयां की है। पुलिस जांच में यह साफ हो गया है कि इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने से पहले आरोपी काफी देर तक मोबाइल पर सक्रिय था और उसने अपने भाई को भी फोन किया था।

वारदात से पहले भाई को कॉल, सीसीटीवी ने खोली पोल

इंस्पेक्टर बहादुर सिंह के मुताबिक, शशिरंजन के मोबाइल की फोरेंसिक जांच में पता चला है कि घटना वाली रात उसने अपने भाई राजीव को फोन मिलाया था, लेकिन उस समय बात नहीं हो सकी। करीब दो घंटे बाद जब भाई ने कॉल बैक किया, तब आरोपी ने फोन नहीं उठाया। सीसीटीवी फुटेज से साफ है कि जब पत्नी, बेटा और दोनों बच्चियां अपने कमरों में सोने चले गए, तब भी शशिरंजन काफी देर तक फोन पर व्यस्त रहा। वह शायद किसी मानसिक कशमकश में था या किसी बड़ी साजिश को अंतिम रूप दे रहा था।

खौफनाक टाइमलाइन: 1:50 और 3:35 बजे ली मासूमों की जान

पुलिस ने सीसीटीवी और पूछताछ के आधार पर हत्या की जो टाइमलाइन तैयार की है, वह किसी भी संवेदनशील इंसान का दिल दहला सकती है।

  • रात 12:48 बजे: आरोपी शशिरंजन बच्चियों के कमरे में दाखिल हुआ।

  • रात 01:50 बजे: उसने अपनी पहली बेटी की जान ली।

  • रात 02:14 बजे: वह कमरे से बाहर निकलता हुआ दिखाई दिया।

  • रात 03:35 बजे: उसने दूसरी मासूम बेटी की हत्या कर दी।

  • सुबह 04:24 बजे: दोनों बच्चियों को मौत की नींद सुलाने के बाद वह बाहर आया और दो बार किचन में गया।

  • सुबह 04:32 बजे: जूते पहनकर लॉबी में टहलने के बाद उसने खुद पुलिस को सूचना दी।

15 दिन में चार्जशीट: पत्नी और नौकरानी बनेंगे मुख्य गवाह

पुलिस इस जघन्य अपराध को लेकर कोई ढील नहीं बरतना चाहती। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि अगले 15 दिनों के भीतर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी जाए। केस को ‘वॉटरटाइट’ बनाने के लिए पुलिस ने आरोपी की पत्नी रेशमा, अपार्टमेंट के गार्ड प्रेमनारायण और घरेलू सहायिका अमरावती के बयान दर्ज किए हैं। इन तीनों को मामले में मुख्य गवाह बनाया गया है। पत्नी के बयान से घर के भीतर के तनावपूर्ण हालातों का पता चला है, जबकि गार्ड और नौकरानी ने आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि की है।

साक्ष्यों की कड़ी: साजिश की हो रही पुष्टि

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्य (Scientific Evidence) जुटाए गए हैं। मौके से मिले डिजिटल फुटप्रिंट्स और गवाहों के बयान यह साबित करने के लिए पर्याप्त हैं कि यह हत्या आवेश में आकर नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश के तहत की गई थी। पुलिस का लक्ष्य इस मामले में फास्ट ट्रैक ट्रायल चलाकर आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाना है।

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