कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में 2026 के विधानसभा चुनाव परिणामों ने एक नया इतिहास रच दिया है। 294 सीटों वाली विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 200 से अधिक सीटें जीतकर तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन का अंत कर दिया है। राज्य में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है और शपथ ग्रहण समारोह शनिवार, 9 मई को रवींद्र जयंती के अवसर पर होना तय हुआ है।
मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शुभेंदु अधिकारी सबसे आगे
राज्य के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बना हुआ है, लेकिन सूत्रों और वर्तमान राजनीतिक समीकरणों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी इस पद के सबसे प्रबल दावेदार हैं। उन्होंने अपनी पूर्व गुरु और निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके गढ़ भवानीपुर में करीब 15,000 वोटों के अंतर से शिकस्त देकर ‘जायंट स्लेयर’ की अपनी छवि को और मजबूत किया है।
शुक्रवार, 8 मई को कोलकाता में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नेता का चुनाव किया जाएगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, शुभेंदु के नाम का प्रस्ताव रख सकते हैं।
महिला मुख्यमंत्री की भी अटकलें: अग्निमित्रा और रूपा रेस में
भाजपा की राष्ट्रीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को देखते हुए यह भी चर्चा है कि पार्टी किसी महिला चेहरे को राज्य की कमान सौंप सकती है। इसमें दो नाम प्रमुखता से उभर रहे हैं:
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अग्निमित्रा पॉल: आसनसोल दक्षिण से विधायक अग्निमित्रा ने टीएमसी के तापस बनर्जी को 40,839 वोटों के बड़े अंतर से हराया है। वह फैशन डिजाइनर से राजनीति में आई हैं और पार्टी की उपाध्यक्ष भी हैं।
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रूपा गांगुली: ‘महाभारत’ की द्रौपदी के रूप में प्रसिद्ध रूपा गांगुली ने सोनारपुर दक्षिण सीट पर करीब 35,000 वोटों से जीत दर्ज की है। वह पूर्व राज्यसभा सांसद हैं और पार्टी का एक बड़ा बंगाली चेहरा मानी जाती हैं।
प्रमुख दावेदार और समीकरण
| उम्मीदवार | क्षेत्र/पद | मुख्य प्रभाव |
| शुभेंदु अधिकारी | भवानीपुर | ममता बनर्जी को हराया, जमीनी पकड़ और प्रशासनिक अनुभव। |
| शमिक भट्टाचार्य | प्रदेश अध्यक्ष | संगठन पर मजबूत पकड़ और निर्विवाद छवि। |
| दिलीप घोष | पूर्व प्रदेश अध्यक्ष | उत्तर बंगाल और जंगलमहल में पार्टी को खड़ा करने का श्रेय। |
| उत्पल महाराज | RSS चेहरा | हिंदुत्व और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रमुख पैरोकार। |
पर्यवेक्षकों की नियुक्ति और दिल्ली में हलचल
पार्टी ने विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए अमित शाह को मुख्य पर्यवेक्षक और ओडिशा के सीएम मोहन चरण माझी को सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने की संभावना है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा का यह फैसला बंगाल की आने वाली राजनीति की दशा और दिशा तय करेगा। क्या पार्टी शुभेंदु के अनुभव पर दांव लगाएगी या किसी महिला चेहरे को लाकर चौंकाएगी, इसका खुलासा अगले 48 घंटों में हो जाएगा।















