सुवेंदु के पीए हत्याकांड में बड़ा खुलासा: 50 सेकंड में 10 राउंड फायरिंग, यूपी पहुंची जांच टीम, व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए हुई…

कोलकाता/बारासात: भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सचिव चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में पुलिस की जांच अब पश्चिम बंगाल की सीमाओं को पार कर उत्तर प्रदेश तक पहुंच गई है। जांच एजेंसियों को इस सनसनीखेज वारदात के पीछे एक अंतरराज्यीय गिरोह और गहरी साजिश का संदेह है। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ है कि इस पूरे हत्याकांड को बेहद ‘प्रोफेशनल’ तरीके से अंजाम दिया गया था।

50 सेकंड का ‘किलिंग ऑपरेशन’

पुलिस द्वारा खंगाले गए सीसीटीवी फुटेज से चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। हत्यारों ने पूरी वारदात को महज 50 सेकंड के भीतर अंजाम दिया। मध्यमग्राम के दोहारिया में जिस वक्त चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो को घेरा गया, हमलावरों ने अत्याधुनिक स्वचालित हथियारों से 10 राउंड फायरिंग की। पुलिस का मानना है कि हत्यारों ने पलक झपकते ही अपना काम पूरा किया और फरार हो गए, जो किसी ट्रेंड शार्प शूटर की पहचान है।

व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए हुई ‘लाइव’ मॉनिटरिंग

सूत्रों के अनुसार, इस हत्याकांड में 7 से 8 लोग शामिल थे। इन लोगों ने चंद्रनाथ की लोकेशन और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए एक विशेष व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। पुलिस अब उन मोबाइल टावर डंप डेटा को खंगाल रही है ताकि उस डिजिटल ट्रेल तक पहुंचा जा सके जिससे इस ग्रुप के सदस्यों की पहचान हो सके।

यूपी से जुड़े तार: कार और विज्ञापन का कनेक्शन

जांच टीम (SIT) के सदस्य उत्तर प्रदेश रवाना हो चुके हैं। इसके पीछे की कड़ी वह कार है जिसका इस्तेमाल चंद्रनाथ की गाड़ी रोकने के लिए किया गया था:

  • फर्जी नंबर प्लेट: कार पर लगा नंबर सिलीगुड़ी के जेम्स विलियम्स के नाम दर्ज है।

  • यूपी कनेक्शन: जेम्स ने अपनी निसान माइक्रा कार बेचने के लिए विज्ञापन दिया था। पुलिस को जानकारी मिली है कि उत्तर प्रदेश के कुछ लोगों ने उस कार को खरीदने के लिए संपर्क किया था। पुलिस को शक है कि उन्हीं लोगों ने या उनके नाम का इस्तेमाल कर इस वारदात को अंजाम दिया गया है।

बरामदगी और अलर्ट

  • दूसरी बाइक बरामद: पुलिस ने उत्तर 24 परगना के बारासात से हत्याकांड में प्रयुक्त दूसरी मोटरसाइकिल बरामद कर ली है।

  • लाल कार की तलाश: सीसीटीवी में एक लाल रंग की कार भी दिखाई दी है, जिसमें शार्प शूटरों के सवार होने का संदेह है। माना जा रहा है कि शूटर इसी कार से राज्य की सीमा पार कर भागे हैं।

  • बॉर्डर सील: पुलिस ने सीमावर्ती थानों को अलर्ट पर रखा है और पड़ोसी राज्यों की पुलिस से भी संपर्क साधा है।

अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल

शुरुआती जांच में पता चला है कि हमलावरों के पास केवल देसी कट्टे नहीं, बल्कि आधुनिक पिस्टल थीं। जिस सटीकता के साथ चलती गाड़ी में चंद्रनाथ के सीने और पेट को निशाना बनाया गया, वह किसी सामान्य अपराधी के बस की बात नहीं है। राज्य सरकार द्वारा गठित SIT अब इस थ्योरी पर काम कर रही है कि क्या इन शार्प शूटरों को राज्य के बाहर से विशेष रूप से इस ‘टारगेट किलिंग’ के लिए बुलाया गया था।

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