मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ को झकझोर देने वाले सौरभ राजपूत हत्याकांड में न्याय की घड़ी नजदीक आ गई है। अपनी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल द्वारा बेरहमी से कत्ल किए गए सौरभ के मामले में आगामी 20 मई को कोर्ट में फाइनल बहस होनी है। इस तारीख के करीब आते ही मेरठ जेल में बंद दोनों मुख्य आरोपियों की बेचैनी बढ़ गई है। यह वही खौफनाक मामला है जिसमें पति की हत्या कर लाश के टुकड़ों को सीमेंट के साथ एक नीले ड्रम में भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई थी।
जेल में मुलाकात और ‘बदले लुक’ ने उड़ाए होश
हाल ही में हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब साहिल और मुस्कान का आमना-सामना हुआ। जेल के नए नियमों और सुरक्षा कारणों से दोनों को अलग-अलग बैरकों में रखा गया है।
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आंखों ही आंखों में बात: करीब 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ने के बाद जब दोनों ने एक-दूसरे को देखा, तो वे भावुक हो गए।
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साहिल का नया अवतार: मुस्कान के लिए सबसे ज्यादा हैरान करने वाला पल वह था जब उसने साहिल को नए लुक में देखा। जेल में आने से पहले साहिल के बाल करीब ढाई फीट लंबे थे, लेकिन अब वे कट चुके हैं। अपने प्रेमी का यह बदला हुआ रूप देखकर मुस्कान फूट-फूट कर रोने लगी।
ब्रह्मपुरी पुलिस की सख्ती और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र की इस लोमहर्षक घटना के बाद से ही पुलिस प्रशासन बेहद सतर्क है। सुरक्षा कारणों और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की ऑनलाइन पेशी (Video Conferencing) की अनुमति मांगी थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
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कड़ी निगरानी: जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा और अन्य सुरक्षा अधिकारियों की मौजूदगी में पेशी की प्रक्रिया पूरी की गई।
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अराजक तत्वों पर नजर: पुलिस का प्रयास है कि 20 मई की बहस के दौरान किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसलिए दोनों पक्षों के वकीलों और जेल प्रशासन के बीच समन्वय बनाया गया है।
क्या था पूरा मामला?
सौरभ राजपूत की हत्या ने मेरठ में सनसनी फैला दी थी। आरोप है कि मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर इस साजिश को अंजाम दिया। हत्या की क्रूरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शव को छिपाने के लिए उन्होंने उसे टुकड़ों में काटकर एक नीले ड्रम में डाला और ऊपर से सीमेंट भर दिया ताकि दुर्गंध न आए और राज दफन रहे। अब 20 मई की अंतिम बहस के बाद यह तय हो जाएगा कि इस जघन्य अपराध के लिए कानून उन्हें क्या सजा सुनाता है।















