सरसौल (कानपुर), ब्यूरो। उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा के दावों के बीच कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र से एक झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक शोहदे के खौफ और लगातार मिल रही धमकियों के कारण कक्षा 9 की एक छात्रा घुट-घुट कर जीने को मजबूर है। मनचले का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि डरी-सहमी छात्रा ने पिछले एक महीने से घर से बाहर कदम तक नहीं निकाला है, जिसके कारण उसकी पढ़ाई छूट गई है और वह स्कूल भी नहीं जा पा रही है। स्थानीय पुलिस की लापरवाही से परेशान पीड़ित पिता जब न्याय के लिए भटकते हुए सूबे के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी यानी डीजीपी (DGP) की चौखट पर पहुंचा, तब जाकर कमिश्नरेट पुलिस की नींद टूटी। डीजीपी कार्यालय से आदेश जारी होने के बाद शुक्रवार की देर शाम एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह भारी पुलिस बल के साथ पीड़ित के गांव पहुंचीं और मामले की जांच शुरू की।
छेड़छाड़ की शिकायत पर पुलिस ने की थी लीपापोती, जेल से आते ही फिर बढ़ा हौसला
यह पूरा मामला मार्च महीने से शुरू हुआ था। महाराजपुर के एक गांव की रहने वाली नौवीं की छात्रा को गांव के ही एक दबंग युवक ने रास्ते में रोककर छेड़छाड़ की थी और बुरी नीयत से दबोच लिया था। छात्रा ने किसी तरह खुद को बचाया और घर आकर परिजनों को आपबीती सुनाई। जब पीड़ित पिता शिकायत लेकर थाने पहुंचा, तो स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय महज शांतिभंग की मामूली धारा में कार्रवाई कर पल्ला झाड़ लिया। पुलिस की इस ढिलाई से आरोपी का हौसला इतना बढ़ गया कि वह पीड़ित छात्रा के घर के बाहर से गले में माला डालकर जलसा मनाते हुए निकला और पूरे परिवार को अंजाम भुगतने की धमकी दी। मीडिया में यह खबर प्रमुखता से आने के बाद पुलिस ने आनन-फानन में छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
‘घर से उठा ले जाऊंगा’… शोहदे की नई धमकी से सहमा परिवार
राहत की यह सांस ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। जेल से जमानत पर बाहर आते ही आरोपी युवक ने एक बार फिर छात्रा और उसके परिवार का जीना मुहाल कर दिया है। आरोप है कि अब वह जब भी छात्रा के घर के बाहर से गुजरता है, तो उसे सरेआम उठा ले जाने की खौफनाक धमकी देता है। शोहदे की इस खुली चुनौती और दबंगई से डरी छात्रा ने खुद को घर की चारदीवारी में कैद कर लिया है। पीड़ित पिता ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए स्थानीय पुलिस चौकी, महाराजपुर थाना, डीसीपी पूर्वी और यहां तक कि जिलाधिकारी (DM) के समाधान दिवस में भी कई बार गुहार लगाई, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनकी फाइलों को दबा दिया गया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
लखनऊ में DGP से लगाई गुहार, गांव पहुंचीं ADCP पूर्वी
स्थानीय पुलिस से निराश होकर पीड़ित पिता बीते सोमवार को लखनऊ स्थित डीजीपी कार्यालय पहुंचे और वहां अपनी फरियाद दर्ज कराई। डीजीपी दफ्तर से सीधे कानपुर पुलिस को कड़ी फटकार और जांच के आदेश मिलते ही महकमे में खलबली मच गई। शुक्रवार की देर शाम एडीसीपी पूर्वी शिवा सिंह खुद जांच अधिकारी बनकर पीड़िता के गांव पहुंचीं। उन्होंने पीड़िता और उसके परिवार से मिलकर पूरी घटना की जानकारी ली, छात्रा के बयान दर्ज किए और आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने का ठोस आश्वासन दिया। महाराजपुर थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि मामले की उच्चस्तरीय जांच की जा रही है और छात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए दोषी के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई की जाएगी जो मिसाल बनेगी।











