पश्चिम एशिया में बारूद की गंध और गहरी होती जा रही है और हालात पूरी तरह बेकाबू होने की कगार पर पहुंच गए हैं। एक तरफ जहां इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच हुआ बहुचर्चित सीजफायर (युद्धविराम) सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रहा है, वहीं दूसरी तरफ ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) को लेकर बेहद कड़े और खतरनाक संकेत दे दिए हैं। इस वैश्विक महासंकट के बीच शांति बहाली की आखिरी कोशिश के तहत पाकिस्तानी गृहमंत्री मोहसिन नकवी आनन-फानन में तेहरान पहुंचे हैं, ताकि अमेरिका और ईरान के बीच उपजे भीषण तनाव को किसी तरह कम किया जा सके। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि युद्ध की तैयारियां चरम पर हैं। खुद ईरानी मीडिया में आम नागरिकों को युद्ध के लिए तैयार रहने और एके-47 (AK-47) बंदूक चलाने की बकायदा लाइव ट्रेनिंग दी जा रही है।
कागजों में सीजफायर, लेबनान में इजरायल के ताबड़तोड़ 100 हमले
लेबनान मोर्चे पर शांति की उम्मीदें पूरी तरह धराशायी हो चुकी हैं। इजरायली सेना (IDF) ने एक सनसनीखेज दावा करते हुए कहा है कि उसने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के करीब 100 खुफिया ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। यह कार्रवाई हिजबुल्लाह द्वारा इजरायली सैनिकों पर किए गए घातक ड्रोन, मोर्टार और विस्फोटक हमलों के जवाब में की गई है। इजरायली लड़ाकू विमानों ने दक्षिणी लेबनान के रणनीतिक टायर (Tyre) इलाके सहित कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर बने हिजबुल्लाह के सैन्य ढांचों, भारी हथियारों के गोदामों और ऑब्जर्वेशन पोस्ट को मलबे के ढेर में तब्दील कर दिया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस हालिया संघर्ष में अब तक 2,969 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 9,000 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
45 दिनों का संघर्षविराम बेअसर, हिजबुल्लाह ने जारी किया वीडियो
चौंकाने वाली बात यह है कि अभी हाल ही में अमेरिका की मध्यस्थता के बाद इजरायल और लेबनान के बीच सीजफायर को 45 दिनों के लिए बढ़ाने पर सहमति बनी थी। लेकिन इस समझौते के बावजूद दोनों ओर से लगातार हो रही भारी गोलीबारी और रॉकेट हमलों ने शांति की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। हिजबुल्लाह भी पीछे हटने को तैयार नहीं है और वह लगातार इजरायली सेना के काफिलों और बंकरों पर किए जा रहे आत्मघाती ड्रोन हमलों के खौफनाक वीडियो जारी कर अपनी आक्रामकता का प्रदर्शन कर रहा है।
यरुशलम के पास जोरदार धमाका, खाड़ी देशों को ईरान की आखिरी चेतावनी
तनाव की यह भीषण आंच अब नए इलाकों को भी अपनी चपेट में ले रही है। यरुशलम के पास स्थित बीत शेमेश (Beit Shemesh) इलाके में एक इजरायली रक्षा कंपनी के टेस्टिंग ग्राउंड पर हुए बेहद जोरदार धमाके से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। हालांकि, रक्षा कंपनी ने इसे पहले से तय एक सामान्य परीक्षण बताया है, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के हुए इस भीषण धमाके ने स्थानीय नागरिकों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। इधर, ईरान के सुप्रीम लीडर के बेहद करीबी सलाहकार मोहम्मद मोखबर ने कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे खाड़ी देशों को खुली और आखिरी चेतावनी दे दी है। मोखबर ने सख्त लहजे में कहा कि इन देशों ने अपनी जमीन ईरान के दुश्मनों (अमेरिका और इजरायल) के मिलिट्री ऑपरेशन्स के लिए खोल रखी है, जिसे ईरान अब और बर्दाश्त नहीं करेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका की घेरेबंदी, ईरान का ‘नया ट्रैफिक प्लान’
इस पूरे घटनाक्रम के बीच असली टकराव समुद्र में शुरू हो चुका है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की आर्थिक और सैन्य घेरेबंदी को बेहद कड़ा कर दिया है और अब तक ईरान की ओर बढ़ रहे 78 कमर्शियल जहाजों को जबरन वापस लौटा दिया है। अमेरिका की इस दादागिरी का करारा जवाब देते हुए ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में एक नया ‘ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम’ लागू करने की घोषणा कर दी है। ईरान के इस नए नियम के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य से केवल उन्हीं अंतरराष्ट्रीय जहाजों को गुजरने की अनुमति दी जाएगी जो ईरानी प्रशासन को पूरा सहयोग करेंगे, जबकि अमेरिका के ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ से जुड़े किसी भी जहाज की एंट्री पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। वैश्विक व्यापार और कच्चे तेल की सप्लाई चेन के लिहाज से अमेरिका-ईरान का यह समूद्री टकराव आने वाले दिनों में तीसरे विश्व युद्ध की चिंगारी बन सकता है।















