भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मशहूर मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में सरकार ने एक बेहद बड़ा और कड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह को भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग (क्रमांक-2) के अध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही खाद्य मंत्री ने स्पष्ट किया है कि गिरीबाला सिंह की इस पद पर हुई नियुक्ति की भी उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी।
दहेज प्रताड़ना और एफआईआर के बाद गिरी एक्शन की गाज
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, मध्य प्रदेश राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग से विभाग को यह महत्वपूर्ण जानकारी मिली थी कि जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष गिरीबाला सिंह के खिलाफ भोपाल के कटारा हिल्स थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। चूंकि राज्य उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष ही जिला आयोग के अध्यक्षों के प्रशासनिक नियंत्रक होते हैं, इसलिए इस पूरे प्रकरण के तथ्यों की गहराई से जांच करने के लिए विभाग द्वारा रजिस्ट्रार को एक कड़ा पत्र प्रेषित किया गया है।
24 घंटे में आ गई थी एम्युअल चोटों वाली PM रिपोर्ट, फिर भी 9 दिन से फरार है पति
गौरतलब है कि 12 मई की रात को गर्भवती ट्विशा शर्मा की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। जहां एक तरफ ससुराल पक्ष इसे फांसी लगाकर की गई आत्महत्या बता रहा है, वहीं ट्विशा के मायके वालों का साफ आरोप है कि पति समर्थ सिंह और ससुराल वालों ने मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या की है। इस हाईप्रोफाइल केस में भोपाल एम्स की शॉर्ट पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट घटना के 24 घंटे के भीतर ही पुलिस को मिल गई थी, जिसमें ट्विशा के शरीर पर चोटों के कई गंभीर निशान होने का साफ जिक्र था। इसके बावजूद समय रहते कार्रवाई न करने पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह घटना के 9 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
पुलिस कमिश्नर ने बढ़ाया इनाम, हाईकोर्ट पहुंचा फरार ‘पति’
चारों तरफ से घिरने और पुलिस की 5 बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद अब पुलिस प्रशासन बैकफुट पर है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने फरार आरोपी समर्थ सिंह पर घोषित इनाम की राशि को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर सीधे 30 हजार रुपये कर दिया है। आरोपी की धरपकड़ के लिए एसआईटी (SIT) गठित कर 6 टीमें लगाई गई हैं और देश छोड़कर भागने की आशंका के चलते लुक-आउट नोटिस भी जारी किया गया है।
इस बीच, फरार पति समर्थ सिंह ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय (High Court) में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिस पर शुक्रवार को सुनवाई होनी है। समर्थ के वकील मृगेंद्र सिंह का दावा है कि मायके पक्ष के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और मध्य प्रदेश में इस केस की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है, इसलिए वे मामले की जांच सीबीआई (CBI) से कराने की मांग को लेकर एक अलग याचिका दायर कर रहे हैं।
‘जस्टिस फॉर ट्विशा’ की गूंज: अखिलेश यादव, कंगना रनौत और किरण बेदी भी न्याय की मुहिम में उतरे
ट्विशा शर्मा की मौत का यह मामला अब देशव्यापी रूप ले चुका है। राजनीतिक दिग्गजों से लेकर बॉलीवुड की फिल्मी हस्तियों तक ने सोशल मीडिया पर ‘जस्टिस फॉर ट्विशा’ की मुहिम छेड़ दी है।
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अखिलेश यादव (अध्यक्ष, सपा): उन्होंने ‘एक्स’ (ट्विटर) पर लिखा कि “उत्तर प्रदेश की बेटी की मध्य प्रदेश के भोपाल में हुई दहेज हत्या के इस संवेदनशील मामले की बेहद गंभीर जांच होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को हर हाल में न्याय मिले।”
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कंगना रनौत (अभिनेत्री व भाजपा सांसद): उन्होंने भारतीय समाज की कड़वी सच्चाई पर चोट करते हुए लिखा कि “शादी के बाद बेटियों को अकेले छोड़ दिया जाता है, वे अनहोनी होने से पहले घुटन भरी जिंदगी से बाहर निकालने की गुहार लगाती रहती हैं।”
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किरण बेदी (पूर्व उपराज्यपाल, पुडुचेरी): उन्होंने पुलिस को निष्पक्ष रहने की सलाह देते हुए कहा कि “ऐसे मामलों में फॉरेंसिक रिपोर्ट, पोस्टमॉर्टम और ब्लड टेस्ट जैसे साइंटिफिक एविडेंस (वैज्ञानिक सबूत) ही सबसे अहम भूमिका निभाते हैं।”
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खुशबू पाटनी व श्वेता वर्मा: अभिनेत्री दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी ने समाज में लड़कियों पर शादी के दबाव को लेकर गहरा दुख जताया। वहीं, ट्विशा के साथ तेलुगु फिल्म में काम कर चुकीं श्वेता वर्मा और मिसेज यूनिवर्स इंडिया माधुरी पटले ने भी ट्विशा के आत्मघाती कदम उठाने की बात को सिरे से खारिज करते हुए मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग उठाई है।











