उन्नाव में संत की हत्या के छठे दिन बड़ा एक्शन: 1 लाख का इनामी मुख्य आरोपी इजराइल पुलिस मुठभेड़ में ढेर, सिपाही घायल

 

उन्नाव।  उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। बांगरमऊ के चर्चित संत राममिलन दास हत्याकांड के मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी बदमाश इजराइल (45) को सोमवार तड़के पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक मुठभेड़ में मार गिराया है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, ताजपुर अंडरपास के पास हुई इस घेराबंदी के दौरान आरोपी ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी थी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई (क्रॉस फायरिंग) में मुख्य आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस मुठभेड़ में एक सिपाही भी गोली लगने से घायल हुआ है, जबकि एक सब-इंस्पेक्टर की जान बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बची है।

प्राचीन मंदिर के जीर्णोद्धार के दौरान चाकुओं से गोदकर की गई थी संत की हत्या

गौरतलब है कि बीते 9 जून को बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के घूरे टोला मोहल्ले में स्थित एक प्राचीन मंदिर के जीर्णोद्धार (पुनर्निर्माण) कार्य की देखरेख कर रहे संत राममिलन दास की बेरहमी से चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज और जघन्य वारदात के बाद पूरे इलाके में भारी तनाव फैल गया था। ग्रामीणों और विभिन्न हिंदू संगठनों ने इस हत्याकांड के विरोध में सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया था और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने पांच नामजद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इनमें से तीन आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता और हत्यारा इजराइल लगातार फरार चल रहा था, जिस पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

मुखबिर की सूचना पर तड़के बिछाया गया जाल, सरेंडर की जगह चलाईं गोलियां

बांगरमऊ पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की टीम लगातार फरार आरोपी की तलाश में जुटी थी। सोमवार सुबह करीब 3:40 बजे जब पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी, तभी मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि इनामी बदमाश इजराइल ताजपुर अंडरपास के पास किसी सुरक्षित ठिकाने पर भागने की फिराक में खड़ा है। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया। खुद को पुलिस से घिरा देख इजराइल बौखला गया। पुलिस ने उसे लाउडस्पीकर से चेतावनी देते हुए आत्मसमर्पण करने को कहा, लेकिन उसने पुलिस पर ही सीधे गोलियां बरसाना शुरू कर दिया।

दरोगा की बुलेटप्रूफ जैकेट में धंसी गोली, एसओजी का जवान घायल

आरोपी इजराइल द्वारा की गई इस दुस्साहसिक फायरिंग में एक गोली उपनिरीक्षक (SI) न्यूटन कुमार सिंह की छाती पर लगी। गनीमत रही कि उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे गोली जैकेट में ही धंस गई और उनकी जान बाल-बाल बच गई। हालांकि, इस दौरान हुई गोलाबारी में एसओजी के सिपाही विकास सिंह भदौरिया के हाथ में गोली लग गई, जिससे वे लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े। अपने साथियों को खतरे में देख पुलिस टीम ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की। पुलिस की सटीक गोलीबारी में मुख्य आरोपी इजराइल गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा, जिसके बाद फायरिंग थम गई।

अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, मौके से बरामद हुआ हत्या में इस्तेमाल चाकू

मुठभेड़ समाप्त होने के तुरंत बाद पुलिस ने घायल बदमाश और अपने घायल सिपाही विकास सिंह को आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बांगरमऊ में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद एक लाख के इनामी इजराइल को मृत घोषित कर दिया, जबकि घायल सिपाही का इलाज जारी है। पुलिस ने जब मुठभेड़ स्थल की जांच की, तो वहां से आरोपी के पास से एक 315 बोर का अवैध तमंचा, कई जिंदा व खोखा कारतूस और एक धारदार चाकू बरामद हुआ है। पुलिस का दावा है कि यह वही चाकू है जिससे संत राममिलन दास की निर्मम हत्या की गई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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