लखनऊ के अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ा सबक बताया है। इस पीड़ादायक घटना को गंभीरता से लेते हुए सीएम योगी ने साफ कहा है कि भविष्य में ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। मंगलवार को शासन स्तर के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक हाई-लेवल बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में ‘मिशन मोड’ में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने का कड़ा निर्देश जारी किया है। अब यूपी के सभी 75 जिलों में अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, मॉल और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की कुंडली खंगाली जाएगी।
उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं, पहले जागरूकता अभियान फिर होगी कानूनी कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी है कि यह पूरा अभियान जनहित और मानवीय सुरक्षा को ध्यान में रखकर चलाया जाए। सीएम ने निर्देश दिया कि सबसे पहले व्यापक स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि लोग खुद सुरक्षा मानकों के प्रति सचेत हों। इसके बाद ही नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी शिकंजा कसा जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि चेकिंग या अभियान के नाम पर किसी भी व्यापारी या आम नागरिक का मानसिक उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, बिल्डिंग के बाहर टांगना होगा फायर विभाग का NOC सर्टिफिकेट
अब उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों और कमर्शियल बिल्डिंग्स के लिए नियम बेहद कड़े होने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि हर जनपद में विशेष टीमों का गठन कर फायर ऑडिट पूरा किया जाए। राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण (Registration) होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, हर व्यावसायिक भवन के मालिक को अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) को अपने परिसर में ऐसे स्थान पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित (Display) करना होगा, जहां से वह हर आने-जाने वाले को आसानी से दिखाई दे।
बेसमेंट में कोचिंग और दुकानों पर परमानेंट बैन, आवासीय प्लॉट पर कमर्शियल काम बंद
सख्त रुख अपनाते हुए सीएम योगी ने कहा कि भवन या भूमि का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए किया जा सकता है, जिसके लिए उसका नक्शा पास हुआ है। आवासीय भवनों (Residential Properties) में किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगी। मुख्यमंत्री ने विशेष तौर पर आदेश दिया कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट के भीतर कोचिंग क्लासेस या अन्य कोई कमर्शियल काम नहीं होने दिया जाएगा। यदि बेसमेंट का नक्शा पार्किंग के लिए स्वीकृत है, तो वहां सिर्फ गाड़ियां ही खड़ी होंगी।
बिजली लोड की होगी सख्त चेकिंग, लापरवाही पर तुरंत होगी जेल
शॉर्ट-सर्किट की घटनाओं को रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने सभी व्यावसायिक भवनों के विद्युत भार (Electricity Load) का नए सिरे से आकलन कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी बिजली का लोड निर्धारित मानकों के विपरीत यानी ओवरलोड पाया जाएगा या अन्य नियमों का उल्लंघन होगा, वहां संबंधित भवन मालिक और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल प्रभाव से कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राहत और बचाव के लिए कम करना होगा रिस्पॉन्स टाइम, आधुनिक तकनीक से लैस होगा फायर डिपार्टमेंट
सीएम योगी ने बैठक में अलीगंज हादसे के दौरान किए गए रेस्क्यू ऑपरेशन की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवाओं (फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस और SDRF) का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, लोगों की जान बचाना उतना ही आसान होगा। बैठक में बताया गया कि हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर तुरंत 14 एम्बुलेंस भेजी गई थीं। मुख्यमंत्री ने दिल्ली में हुए हालिया अग्निकांड का हवाला देते हुए यूपी के फायर विभाग को सबसे आधुनिक उपकरणों, संसाधनों और नई टेक्नोलॉजी से लैस करने के निर्देश दिए हैं, जिसके लिए बजट में कोई देरी नहीं की जाएगी।
महानिदेशक अग्निशमन सेवा ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 तहसीलों में इस समय 326 स्थायी फायर स्टेशन चालू हैं। 26 नए केंद्र बनकर तैयार हैं और 25 का काम तेजी से चल रहा है, जबकि 47 नए केंद्रों की रूपरेखा तैयार हो रही है। सीएम ने बची हुई तहसीलों में भी काम तेज करने को कहा है ताकि जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा सके।















