लोनावला मर्डर मिस्ट्री : मंगेतर ने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी केतन की हत्या की खौफनाक साजिश, इन 5 बड़ी गलतियों से खुला राज

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे से सटे गहुंजे इलाके के रहने वाले 26 वर्षीय युवा बिजनेसमैन केतन विशाल अग्रवाल की मौत के मामले में हर दिन ऐसे रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। बीते 18 जून को ऐतिहासिक लोहागढ़ किले की गहरी खाई में गिरकर हुई केतन की मौत को शुरुआत में एक आम ट्रेकिंग हादसा माना जा रहा था। लेकिन पुणे ग्रामीण पुलिस, लोनावला रूरल पुलिस और लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) की पैनी तफ्तीश ने इस पूरे मामले को एक बेहद खौफनाक मर्डर मिस्ट्री में तब्दील कर दिया है।

इस रोंगटे खड़े कर देने वाली हत्या का ताना-बाना किसी और ने नहीं, बल्कि खुद केतन की मंगेतर सिया गोयल (20) और उसके प्रेमी चेतन चौधरी (22) ने मिलकर बुना था। शातिर दिमाग होने के बावजूद, गुनाह के रास्ते पर दोनों से कुछ ऐसी बड़ी कड़ियां छूट गईं जिसने उन्हें सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।

1. भीषण गर्मी में ‘मोटी हुडी’ पहनना पड़ा भारी, CCTV ने खोला राज

इस पूरी मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश करने में लोहागढ़ किले के टिकट काउंटर पर लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज ने सबसे मुख्य भूमिका निभाई। पुलिस जब फुटेज खंगाल रही थी, तो उन्हें केतन और सिया के पीछे कुछ ही दूरी पर एक संदिग्ध युवक चलता दिखाई दिया। हैरान करने वाली बात यह थी कि 18 जून को वहां का तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन इसके बावजूद उस युवक ने शॉर्ट्स के साथ एक मोटी हुडी पहन रखी थी। उसने हुडी की कैप को आगे तक खींचा हुआ था और ऊपर से हेडफोन लगा रखा था ताकि चेहरा न दिखे। इतनी भीषण गर्मी में किसी का हुडी पहनना पुलिस को खटक गया। एक अन्य फुटेज में दिखा कि जैसे ही सिया ने पीछे मुड़कर देखा, हुडी वाले युवक ने तुरंत नीचे बैठने की कोशिश की। यहीं से पुलिस का शक यकीन में बदल गया।

2. 15 दिन में 4 बार किला जाने की अजीब जिद और पहला नाकाम प्रयास

केतन की बहन संजना और परिवार से हुई पूछताछ में पता चला कि फरवरी में सगाई होने के बाद से ही सिया अचानक केतन पर लोहागढ़ किला चलने का अजीब दबाव बनाने लगी थी। वह महज 15 दिनों के भीतर केतन को 4 बार किला ले जाने की कोशिश कर चुकी थी।

  • 31 मई: सिया पहली बार केतन को लोहागढ़ लेकर गई ताकि रास्ते और खाई की रेकी कर सके।

  • 4 जून: उसने दोबारा जाने की जिद की, लेकिन केतन की मां ने मना कर दिया।

  • 14 जून (हत्या का पहला प्रयास): सिया केतन को लेकर किला पहुंची। वहां उसने केतन को पहाड़ी से नीचे धकेलने की कोशिश की, लेकिन केतन ने सूझबूझ से एक झाड़ी पकड़ ली और उसकी जान बच गई। जब केतन ने धक्का देने का कारण पूछा, तो सिया ने वहां सांप होने का झूठा नाटक रच दिया और कहा कि वह उसे सांप से बचा रही थी।

  • 18 जून (मर्डर का दिन): वह दोबारा बहाने से केतन को ले गई और इस बार अपने प्रेमी चेतन के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दे दिया।

3. बाली ट्रिप और पासपोर्ट का रहस्यमयी ढंग से गायब होना

सिया और चेतन किसी भी हाल में केतन की शादी से पहले ही उसकी हत्या करना चाहते थे। केतन और सिया का प्री-वेडिंग फोटोशूट इंडोनेशिया के बाली में होने वाला था। लेकिन उस ट्रिप पर जाने से ठीक पहले केतन का पासपोर्ट घर से रहस्यमयी तरीके से गायब हो गया, जिस वजह से उसे एयरपोर्ट से वापस लौटना पड़ा। पुलिस को पूरा शक है कि यह पासपोर्ट भी सिया ने ही गायब किया था ताकि केतन भारत में ही रहे और उसे रास्ते से हटाया जा सके। आगामी नवंबर महीने में उदयपुर के एक भव्य पैलेस में दोनों की शाही शादी होने वाली थी।

4. बहन की सतर्कता और 6 महीने का वो 238 घंटे वाला खूनी कनेक्शन

केतन के अंतिम संस्कार के चार दिन बाद सिया जब शोक जताने उनके घर पहुंची, तो केतन की बहन संजना ने उससे हादसे के दिन को लेकर कुछ सीधे सवाल किए। इन सवालों पर सिया घबरा गई और उसके बयानों में भारी विरोधाभास दिखा। बहन ने बिना देर किए तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद जब पुलिस ने डिजिटल फोरेंसिक और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) खंगाले, तो चौंकाने वाला सच बाहर आया। सिया और चेतन चौधरी पिछले 3 साल से एक-दूसरे के साथ रिलेशनशिप में थे। इस साल 1 जनवरी से जून के बीच दोनों के बीच 2,004 बार फोन कॉल्स, WhatsApp और फेसटाइम पर बातचीत हुई थी। दोनों ने 6 महीने में कुल 238 घंटे तक बात की थी। यहां तक कि 16 और 17 जून की पूरी रात दोनों वीडियो कॉल पर मर्डर की लाइव प्लानिंग कर रहे थे।

5. इंटरनेट बंद करने की चालाकी भी पड़ी भारी, नौकर का फोन ले गया था प्रेमी

आरोपी चेतन ने पुलिस को चकमा देने के लिए 18 जून को सुबह 7 बजे से शाम 5:40 बजे तक अपने मोबाइल का इंटरनेट पूरी तरह बंद कर दिया था। उसने अपना खुद का फोन अपनी दुकान पर ही छोड़ दिया था, ताकि उसकी डिजिटल लोकेशन लोहागढ़ न दिखाई दे। वह अपनी दुकान के एक कर्मचारी का मोबाइल लेकर चुपके से लोहागढ़ किला पहुंचा था। लेकिन पुलिस ने जब उस कर्मचारी के फोन की लोकेशन और चेतन के सोशल मीडिया प्रोफाइल की पुरानी तस्वीरों का मिलान सीसीटीवी के हुडी वाले लड़के से किया, तो उसकी यह चालाकी धरी की धरी रह गई।

बदनामी के डर से भागने के बजाय चुना मर्डर का रास्ता, 29 जून तक रिमांड पर आरोपी

पुलिस पूछताछ में जब हत्यारे चेतन से पूछा गया कि वे दोनों सगाई तोड़कर घर से भाग क्यों नहीं गए? तो चेतन ने बताया कि सिया सगाई तोड़ने या भागने के पक्ष में बिल्कुल नहीं थी। उसका मानना था कि ऐसा करने से समाज में उसके परिवार की बहुत थू-थू होगी और बदनामी होगी। अपनी पारिवारिक प्रतिष्ठा को तथाकथित ठेस से बचाने के लिए उसने केतन की जान लेना ज्यादा आसान समझा। 18 जून को जब केतन और सिया किले के एक सुनसान पॉइंट पर खड़े होकर वादियों को निहार रहे थे, तभी पीछे से घात लगाकर बैठे चेतन ने किसी भारी चीज से केतन के सिर पर जोरदार हमला किया और उसे सीधे गहरी खाई में फेंक दिया। फिलहाल, पुणे की वडगांव अदालत ने दोनों आरोपियों को 29 जून तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

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