कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां के तारातला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर एक निर्माणाधीन गोदाम की भारी-भरकम छत अचानक ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस दर्दनाक हादसे के वक्त निर्माण स्थल पर बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे, जिनके मलबे के नीचे दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, दमकल और स्थानीय प्रशासन की आला टीमें फौरन मौके पर पहुंच गई हैं और युद्ध स्तर पर राहत व बचाव कार्य (Resue Operation) शुरू कर दिया गया है।
अचानक मलबे में तब्दील हुई इमारत, चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोग आए आगे
स्थानीय चश्मदीदों के मुताबिक, पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में यह हादसा इतना अचानक और जोरदार था कि किसी को संभलने तक का मौका नहीं मिला। जोरदार आवाज के साथ छत गिरते ही चारों तरफ धूल का गुबार छा गया और मौके पर चीख-पुकार मच गई। साइट पर रोज की तरह कई मजदूर अपनी ड्यूटी पर तैनात थे, जिससे मलबे के नीचे काफी लोगों के फंसे होने की बात कही जा रही है। हादसे के तुरंत बाद प्रशासनिक टीमों के पहुंचने से पहले ही स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए अपने स्तर पर मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को निकालना शुरू कर दिया था।
आपदा प्रबंधन और सिविल डिफेंस की टीमें तैनात, अब तक 6 से 7 लोग निकाले गए
कोलकाता पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन समूह (DMG), सिविल डिफेंस की टीमों और दमकल की कई गाड़ियों को तुरंत मौके पर रेस्क्यू के लिए रवाना किया गया। बचाव दल ने आधुनिक कटर और क्रेन की मदद से भारी मलबे को हटाकर अब तक करीब छह से सात घायल मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। मलबे से निकाले गए सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है।
नबान्न में खुला इमरजेंसी कंट्रोल रूम, अपनों की तलाश में उमड़ी भीड़
तारातला में हुई इस भीषण दुर्घटना की मॉनिटरिंग सीधे राज्य सचिवालय से की जा रही है। पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्यालय ‘नबान्न’ में आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा एक विशेष इमरजेंसी कंट्रोल रूम नंबर जारी किया गया है, ताकि हादसे से जुड़ी पल-पल की जानकारी और पीड़ितों की मदद सुनिश्चित की जा सके। वहीं, घटना की खबर फैलते ही मौके पर हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों और वहां काम करने वाले मजदूरों के परिजनों व सगे-संबंधियों की भारी भीड़ जमा हो गई है। अपनों की सुरक्षा को लेकर हर आंख नम है और लोग मलबे से सुरक्षित निकलने की दुआ कर रहे हैं। प्रशासन ने पूरे इलाके को कॉर्डन ऑफ (सील) कर दिया है ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।















