लखनऊ की ‘समिट बिल्डिंग’ में इंटरनेशनल फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 15 घंटे चला महासर्च ऑपरेशन; 100 से अधिक युवक-युवतियां हिरासत में

लखनऊ। राजधानी लखनऊ का पॉश इलाका विभूतिखंड और यहां बनी हाईप्रोफाइल ‘समिट बिल्डिंग’ एक बार फिर सुर्खियों में है। लेकिन इस बार वजह कोई आम लड़ाई-झगड़ा या हंगामा नहीं, बल्कि सात समंदर पार तक फैला एक बहुत बड़ा ‘इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड’ है। क्राइम ब्रांच और साइबर क्राइम सेल ने एक खुफिया इनपुट के आधार पर समिट बिल्डिंग में चल रहे एक बड़े इंटरनेशनल फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स की टीम ने बीती रात से लेकर लगातार 15 घंटे तक इस हाईटेक ठिकाने पर महासर्च ऑपरेशन चलाया, जिससे पूरी बिल्डिंग में हड़कंप मच गया।

समिट बिल्डिंग के 11वें फ्लोर पर चल रहा था ठगी का ‘इंटरनेशनल हेडक्वार्टर’

क्राइम ब्रांच और साइबर सेल को पुख्ता जानकारी मिली थी कि समिट बिल्डिंग के 11वें फ्लोर से बड़े पैमाने पर विदेशी और देश के अन्य राज्यों के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इनपुट मिलते ही जब पुलिस की संयुक्त टीमों ने रात में अचानक धावा बोला, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए। दर्जनों युवक-युवतियां कंप्यूटर और हेडफोन लगाकर विदेशी नागरिकों से ठगी में व्यस्त थे। पुलिस ने तुरंत पूरे फ्लोर को अपने नियंत्रण में लेकर सीज कर दिया और करीब 15 घंटे तक मौके पर ही एक-एक शख्स से कड़ी पूछताछ की गई।

मौके पर पहुंचे आला अधिकारी, आरोपियों को ले जाने के लिए मंगवानी पड़ीं 3 बसें

पकड़े गए आरोपियों की तादाद इतनी ज्यादा थी कि पुलिस के रूटीन वाहन कम पड़ गए। मौके पर ज्वाइंट सीपी बबलू कुमार, डीसीपी किरन यादव, और एसीपी सौम्या पांडेय समेत कई थानों की भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई। हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या 100 के पार होने के कारण पुलिस प्रशासन को मौके पर तीन बड़ी बसें मंगवानी पड़ीं। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दर्जनों युवतियों और युवकों को बसों में भरकर थाने ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल टेस्ट कराने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

रिफंड और ई-कॉमर्स के नाम पर खेल, डिजिटल सबूतों का लगा अंबार

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से दुनिया की बड़ी-बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के नाम का इस्तेमाल करता था। ये लोग भोले-भाले ग्राहकों को उनके प्रोडक्ट डिलीवरी और ‘रिफंड’ दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खातों में सेंध लगाते थे। छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने मौके से भारी मात्रा में डिजिटल सबूत बरामद किए हैं, जिनमें कई दर्जन हाईटेक लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और फर्जी सिम कार्ड शामिल हैं। इन सभी को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

हवाला नेटवर्क और विदेशी कनेक्शन खंगाल रही साइबर सेल, होंगे कई बड़े खुलासे

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस कॉल सेंटर का जाल सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों तक ही नहीं, बल्कि विदेशों तक फैला हुआ था। अंदेशा जताया जा रहा है कि इस अंतरराष्ट्रीय ठगी से कमाए गए करोड़ों रुपये को खपाने के लिए ‘हवाला नेटवर्क’ का इस्तेमाल किया जा रहा था। फिलहाल, साइबर क्राइम सेल इस गिरोह से जुड़े तमाम बैंक खातों, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और विदेशी आईपी एड्रेस को खंगालने में जुटी है। अधिकारियों का दावा है कि मुख्य सरगना की गिरफ्तारी और पकड़े गए लोगों से विस्तृत पूछताछ के बाद इस पूरे रैकेट को लेकर कई और चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment