मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के मांडी गांव में सनसनीखेज बंधक मजदूर कांड के मुख्य आरोपी और फैक्ट्री मालिक अंकित बालियान को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया है। जिस आरोपी की तलाश में एसआईटी (SIT) समेत पुलिस की पांच टीमें दिन-रात खाक छान रही थीं, उसने बेहद नाटकीय ढंग से हरियाणा के पलवल जिले में सरेंडर करने जैसी स्थिति में गिरफ्तारी दी। अंकित बालियान को पलवल के होडल थाना क्षेत्र से अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार किया गया है। मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए पलवल पुलिस कप्तान से संपर्क साधा है।
एक मजदूर के भागने से खुला था यातनागृह का राज

मांडी गांव में स्थित दोना-पत्तल बनाने वाली इस फैक्ट्री में इंसानियत को शर्मसार करने वाला खेल चल रहा था। अंकित बालियान ने राजस्थान, बिहार, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए करीब एक दर्जन मजदूरों को अपनी फैक्ट्री में बंधक बना रखा था। इन बेकसूर मजदूरों से दिन-रात बिना पैसे दिए काम कराया जाता था, और विरोध करने पर उन्हें बेरहमी से पीटा जाता था। हद तो यह थी कि उन्हें कई-कई दिनों तक भूखा रखकर यातनाएं दी जाती थीं।
इस नरक से निकलना नामुमकिन था, लेकिन बीते दिनों राजस्थान का रहने वाला विक्रम नाम का एक मजदूर किसी तरह पहरेदारों को चकमा देकर फैक्ट्री की दीवार लांघकर भाग निकला। लहूलुहान और डरा-सहमा विक्रम जब तितावी थाने पहुंचा, तो उसने जो दास्तां सुनाई, उसे सुनकर पुलिस अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पुलिस ने तुरंत श्रम विभाग की टीम को साथ लेकर फैक्ट्री पर धावा बोला और वहां तड़प रहे अन्य मजदूरों को बंधनमुक्त कराया।
नेपाल के मजदूर अर्जुन की मौत के बाद गहराया मामला
यह मामला सिर्फ बंधक बनाने और प्रताड़ना तक ही सीमित नहीं था। पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि यहां काम करने वाले नेपाल निवासी एक मजदूर अर्जुन टोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। आरोप है कि अंकित और उसके गुर्गों की अत्यधिक यातनाओं के कारण अर्जुन ने दम तोड़ दिया था, जिसे पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या की धाराओं में दर्ज किया है। इस घटना के बाद से ही, यानी बीते 23 जून से अंकित बालियान लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की पांच टीमें उसकी लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई थीं।
हरियाणा के पलवल में अवैध हथियार के साथ पकड़ा गया अंकित
बुधवार देर शाम मुजफ्फरनगर की तितावी पुलिस को हरियाणा के होडल थाने से एक इनपुट मिला। पलवल पुलिस ने बताया कि उन्होंने मांडी गांव के रहने वाले अंकित बालियान को एक अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार किया है। चूंकि हरियाणा पुलिस को उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने तितावी पुलिस से संपर्क किया। मुजफ्फरनगर पुलिस ने तुरंत अंकित की कुंडली खंगाली और उसकी पहचान मुख्य आरोपी के रूप में की। आशंका जताई जा रही है कि यूपी पुलिस के एनकाउंटर या सख्त कार्रवाई के डर से अंकित ने जानबूझकर हरियाणा में अवैध हथियार के साथ गिरफ्तारी दी है।
बी-वारंट पर यूपी लाएगी पुलिस, खुलेंगे कई और दराज
मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि आरोपी अंकित बालियान की गिरफ्तारी की सूचना हरियाणा पुलिस की तरफ से मिली है। मामला बेहद गंभीर है, इसलिए वहां की स्थानीय कोर्ट से बी-वारंट (B-Warrant) हासिल कर आरोपी को मुजफ्फरनगर लाया जाएगा। एसएसपी के मुताबिक, इस मामले में अभी भी दो मजदूर लापता चल रहे हैं, जिनके बारे में अंकित से रिमांड के दौरान कड़ी पूछताछ की जाएगी कि उसने उन्हें कहां छुपाया है या उनके साथ कोई अनहोनी तो नहीं हुई।
पिता और सुपरवाइजर पहले ही जा चुके हैं जेल
इस पूरे मामले में पुलिस अब तक अंकित के पिता प्रदीप बालियान और फैक्ट्री के मुख्य सुपरवाइजर शिवा (निवासी उकावली, बुढ़ाना) को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके अलावा, भोले-भाले मजदूरों को बहला-फुसलाकर फैक्ट्री तक लाने वाले दलाल रबित को भी पुलिस ने दबोच लिया था। मुक्त कराए गए सभी मजदूरों को प्रशासन की तरफ से त्वरित आर्थिक सहायता और रहने-खाने की व्यवस्था देकर उनके परिजनों के साथ सुरक्षित घर रवाना कर दिया गया है। अब मुख्य सरगना अंकित की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है।











