मेरठ उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला अंतरराष्ट्रीय मामला सामने आया है। यहां रेलवे रोड थाना क्षेत्र की रहने वाली एक विवाहिता ने अपने पति और ससुराल वालों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति उसे हनीमून के बहाने विदेश (वियतनाम) ले गया और वहां होटल के बंद कमरे में बेल्ट से बेरहमी से पीटा, गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की और मरणासन्न हालत में छोड़कर भाग गया। इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अविनाश पांडे के सख्त निर्देश के बाद रेलवे रोड थाना पुलिस ने पति, सास-ससुर समेत 5 लोगों के खिलाफ जानलेवा हमले (Attempt to Murder) और दहेज प्रताड़ना की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शादी के एक महीने बाद से ही शुरू हो गया था जुल्म का सिलसिला
दिल्ली रोड स्थित देवपुरी की रहने वाली पीड़िता सलोनी अरोड़ा ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 4 जून 2025 को देहली गेट के शक्तिनगर निवासी आशीष पसरीचा के साथ धूमधाम से हुई थी। आरोप है कि शादी में मिले दान-दहेज से ससुराल वाले खुश नहीं थे। विवाह के महज एक महीने बाद से ही पति आशीष, सास उषा पसरीचा, ससुर सोमी पसरीचा और शालू गुप्ता उसे कम दहेज लाने का ताना देकर शारीरिक और मानसिक रूप से टॉर्चर करने लगे। जब भी वह इस बात का विरोध करती, तो उसके साथ बेरहमी से मारपीट की जाती थी।
ससुराल में गला दबाया, समझौते पर आए माता-पिता से भी की बदसलूकी
पीड़िता ने अपनी तहरीर में पूर्व में हुई एक और खौफनाक वारदात का जिक्र किया है। सलोनी के मुताबिक, 16 अक्तूबर को जब उसकी प्रताड़ना की खबर सुनकर उसके माता-पिता और बुजुर्ग दादा मामले में समझौता कराने और बात करने के लिए उसकी ससुराल पहुंचे, तो आरोपियों ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। ससुराल पक्ष के लोगों ने लड़की के माता-पिता के साथ बेहद अभद्रता और गाली-गलौज की। इसी विवाद के बीच घर के अंदर ही सलोनी का गला दबाकर उसे जान से मारने का प्रयास भी किया गया।
हनीमून के नाम पर वियतनाम में दरिंदगी, होटल में बेल्ट और भारी चीज से हमला
पीड़िता ने बताया कि पिछले सारे विवादों को भुलाकर जून 2026 में उसका पति आशीष उसे हनीमून के बहाने वियतनाम (Vietnam) ले गया। सलोनी को लगा कि शायद अब सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन वहां पहुंचते ही पति का खौफनाक रूप सामने आया। वियतनाम के होटल में आशीष ने उसे बंधक बना लिया और बेल्ट से ताबड़तोड़ पिटाई की। आरोप है कि वहां भी उसका गला घोंटा गया और सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार किया गया। जब सलोनी लहूलुहान होकर बेहोश हो गई, तो आशीष उसे उसी गंभीर हालत में होटल के कमरे में तड़पता हुआ छोड़कर खुद वहां से रफूचक्कर हो गया। बाद में होटल के विदेशी स्टाफ ने इंसानियत दिखाते हुए सलोनी को संभाला और उसे वियतनाम के ही एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज हुआ।
भारत लौटकर दिल्ली के अस्पताल में इलाज, कमरे में बंद किया तो 112 ने बचाया
जैसे-तैसे भारत लौटने के बाद भी सलोनी की हालत खराब रही। गला दबाए जाने के कारण उसे सांस लेने में भारी तकलीफ हो रही थी, जिसके चलते बीते 18 जून को उसने नई दिल्ली के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में अपनी गहन चिकित्सीय जांच कराई। इसके बाद जब वह हिम्मत जुटाकर दोबारा अपने ससुराल पहुंची, तो आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे एक कमरे में बंधक बनाकर बंद कर दिया। सलोनी ने किसी तरह चुपके से पुलिस हेल्पलाइन डायल-112 पर कॉल करके अपनी जान की भीख मांगी। सूचना मिलते ही डायल-112 की गाड़ी और लड़की के मायके वाले मौके पर पहुंचे, जिन्होंने उसे बंधक मुक्त कराया और मायके लेकर आए।
पहले कार्रवाई न होने पर SSP से गुहार, एसपी सिटी बोले- शुरू हुई जांच
पीड़िता का आरोप है कि उसने इस खौफनाक प्रताड़ना को लेकर पहले भी कई बार स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन रसूख के चलते पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हारकर पीड़िता ने एसएसपी अविनाश पांडे के सामने पेश होकर अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद कप्तान के आदेश पर तुरंत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जानकारी देते हुए एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि पीड़िता सलोनी अरोड़ा की तहरीर के आधार पर पति आशीष पसरीचा, सास उषा, ससुर सोमी और शालू गुप्ता समेत अन्य के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) पंजीकृत कर ली गई है। पुलिस की एक टीम साक्ष्य जुटा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।










