बलरामपुर उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से बिजली विभाग की घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां विकासखंड हरैया सतघरवा की ग्राम पंचायत भुसैलिया के अंतर्गत आने वाले खैरपुरवा, भवरही और महरनपुरवा गांवों में सालों से बिजली की एक भी बूंद नहीं पहुंची है, लेकिन विभाग ने कागजों पर रोशनी दिखाकर ग्रामीणों के हाथों में भारी-भरकम बिजली के बिल थमा दिए हैं। बिना बिजली इस्तेमाल किए आए इन ‘फर्जी बिलों’ को देखकर ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। इस तानाशाही के खिलाफ सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया और फर्जी बिलों को तत्काल निरस्त कर गांव में बिजली चालू करने की हुंकार भरी।
सौभाग्य योजना के पोल-तार टूटे, पर घरों में पहुंच रहे हैं बिल
ग्रामीणों ने बेहद आक्रोशित लहजे में बताया कि वर्षों पहले केंद्र सरकार की ‘सौभाग्य योजना’ के तहत ललिया से भवरही होते हुए खैरपुरवा गांव तक बिजली की लाइन बिछाने का काम शुरू किया गया था। ठेकेदारों और अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह काम कभी पूरा ही नहीं हो सका। आज स्थिति यह है कि योजना के तहत लगाए गए अधिकांश बिजली के खंभे (पोल) और तार पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर जमीन पर धूल फांक रहे हैं। इस खस्ताहाल लाइन में आज तक कभी करंट नहीं दौड़ा। इसके बावजूद बिजली विभाग के लापरवाह कारिंदों ने ऑफिस में बैठकर ग्रामीणों के नाम से फर्जी तरीके से लगातार बिजली के बिल जारी करना शुरू कर दिया, जो अब हजारों रुपयों में पहुंच चुके हैं।
पहचान पत्र लेकर टांग गए थे मीटर, 33/11 KV उपकेंद्र से शुरू नहीं हुई सप्लाई
प्रदर्शन कर रहे पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि लाइन बिछाते समय बिजली विभाग के कर्मचारियों ने उनके पहचान पत्र लिए थे और उनके घरों के बाहर बिजली के मीटर टांग दिए थे। उन्हें भरोसा दिया गया था कि क्षेत्र की बिजली आपूर्ति 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र महाराजगंज तराई से प्रस्तावित है और जल्द ही घर रोशन होंगे। लेकिन उपकेंद्र से सप्लाई तो दूर की बात रही, मीटर लगने के बाद से आज तक गांवों में एक मिनट के लिए भी बत्ती नहीं जली। बिना बिजली का उपभोग किए हर महीने आ रहे इन बिलों से गरीब ग्रामीण मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद परेशान हैं।
पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर के नेतृत्व में प्रदर्शन, आईजीआरएस पर शिकायत दर्ज
गांवों में मचे इस बवाल की भनक लगते ही वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ला (एडवोकेट) और मनमोहन तिवारी अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या का जायजा लिया और विभाग की इस लूट के खिलाफ ग्रामीणों के साथ मिलकर मोर्चा खोल दिया। युगल किशोर शुक्ला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों ने इस महा-लापरवाही के खिलाफ जिले के मुखिया (जिलाधिकारी) को एक विस्तृत प्रार्थना-पत्र भेजने के साथ ही मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर भी अपनी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा दी है, जिसका संदर्भ संख्या 40018226011805 है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि प्रशासन सबसे पहले इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए, जमीन पर पड़े तारों को दुरुस्त कर गांवों में तत्काल आपूर्ति शुरू करे और जांच पूरी होने तक इन सभी फर्जी बिजली बिलों को पूरी तरह माफ (निरस्त) किया जाए। इस बड़े प्रदर्शन में मुख्य रूप से गोमती प्रसाद, ननकू, मंगल प्रसाद, संदीप तिवारी, नीतीश, राजेंद्र प्रसाद, अरुण यादव समेत भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और महिलाएं मौजूद रहीं।









