अजमेर। राजस्थान के ऐतिहासिक और धार्मिक शहर अजमेर से सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी के चलते एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। अजमेर पुलिस और सीआईडी (CID) जोन की टीम ने एक संयुक्त कार्रवाई करते हुए क्रिश्चियनगंज थाना क्षेत्र के एक नामी होटल में छापा मारकर अवैध रूप से भारत में दाखिल हुई एक बांग्लादेशी युवती को धर दबोचा है। पकड़ी गई युवती के पास भारत में रहने का कोई भी वैध दस्तावेज, पासपोर्ट या वीजा नहीं मिला है। सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाने वाले इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने युवती को हिरासत में लेकर डिटेंशन सेंटर भेज दिया है, जहां खुफिया एजेंसियां और पुलिस उससे लगातार कड़ी पूछताछ कर रही हैं।
खुफिया इनपुट पर एक्शन: होटल के कमरे से धराशायी हुआ प्लान
अजमेर के जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) हर्षवर्धन अग्रवाल ने इस सनसनीखेज गिरफ्तारी का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़ी गई युवती की पहचान मीम अख्तर पुत्री अब्दुल सत्तार के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बांग्लादेश के ढाका संभाग के किशोरगंज जिले के पांकुदिया थाना क्षेत्र स्थित चंडीपाशा पोस्ट ऑफिस (कोदालिया) की रहने वाली है। खुफिया विभाग को इनपुट मिला था कि क्रिश्चियनगंज इलाके के एक होटल में एक संदिग्ध विदेशी युवती ठहरी हुई है। इस सूचना पर स्थानीय पुलिस और सीआईडी जोन की टीम ने जाल बिछाया और होटल में दबिश देकर उसे दबोच लिया।
सीमा पार करने से लेकर अजमेर पहुँचने की खौफनाक कहानी
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी बांग्लादेशी युवती मीम अख्तर ने जो खुलासे किए हैं, उसने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया है। युवती ने कबूल किया कि उसने बेहद शातिराना तरीके से भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा घेरे को चकमा दिया और अवैध रूप से भारतीय सीमा में घुसपैठ की। अजमेर पहुंचने से पहले वह काफी समय तक राजस्थान के ही जयपुर और ब्यावर शहरों में ठिकाने बदलकर रह रही थी। उसने पुलिस को बताया कि वह मूल रूप से काम (रोजगार) की तलाश में भारत आई थी और अजमेर पहुंचने के महज एक दिन बाद ही पुलिस के हत्थे चढ़ गई।
संदिग्ध नेटवर्क की तलाश: क्या है असली इरादा?
अजमेर पुलिस और सीआईडी की टीमें अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही हैं कि युवती को सीमा पार कराने में किन-किन लोगों ने मदद की थी। एसपी हर्षवर्धन अग्रवाल ने बताया कि शुरुआती जांच में अभी तक युवती के किसी बड़े देश विरोधी संदिग्ध नेटवर्क या स्लीपर सेल से सीधे जुड़े होने के सबूत नहीं मिले हैं। इसके बावजूद, पुलिस और खुफिया एजेंसियां इसे हल्के में नहीं ले रही हैं। भारत में प्रवेश करने के लिए उसने किस रूट का इस्तेमाल किया, ब्यावर और जयपुर में उसके मददगार कौन थे और वह किसके संपर्क में थी, इन सभी कड़ियों को जोड़ने के लिए अजमेर पुलिस लगातार कड़ाई से पूछताछ कर रही है। फिलहाल कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए युवती को डिटेंशन सेंटर भेज दिया गया है, जहां से उसे वापस डिपोर्ट करने की तैयारी की जाएगी।















