JPSC मेन्स परीक्षा-2025 अनिश्चितकाल के लिए स्थगित: OMR गड़बड़ी के आरोपों और जनाक्रोश के बाद आयोग का बड़ा फैसला, चेयरमैन का इस्तीफा

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) ने 25 से 27 जुलाई तक प्रस्तावित ‘झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा-2025’ (JPSC Mains) को अपरिहार्य कारणों का हवाला देते हुए अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है। आयोग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एग्जामिनेशन कैलेंडर के तहत प्रस्तावित अन्य आगामी परीक्षाओं के शेड्यूल को भी फिलहाल रोक दिया गया है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पूरे प्रदेश में JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) में OMR शीट में धांधली और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए परीक्षार्थी और राजनीतिक दल उग्र प्रदर्शन कर रहे हैं।

क्यों भड़का छात्रों का आक्रोश? OMR में गड़बड़ी और टेंडर पर उठे सवाल

14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम आते ही राज्यभर के अभ्यर्थियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। अभ्यर्थियों और प्रमुख विपक्षी दलों का आरोप है कि पीटी परीक्षा की OMR शीट में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई और कटऑफ मार्क्स भी सार्वजनिक नहीं किए गए। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की एक ब्लैकलिस्टेड कंपनी को परीक्षा आयोजन का टेंडर देने के आरोपों ने पूरे मामले में आग में घी डालने का काम किया है।

बीजेपी युवा मोर्चा ने किया JPSC कार्यालय का घेराव

इन अनियमितताओं के विरोध में 22 जुलाई को भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज के नेतृत्व में राज्य के सभी 24 जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने रांची में जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने JPSC कार्यालय का घेराव करते हुए परीक्षा को तुरंत रद्द करने, पूरे मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। भाजयुमो का आरोप है कि सरकार भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के बजाय युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है।

भारी दबाव के बीच JPSC चेयरमैन का इस्तीफा

राज्यव्यापी आक्रोश और सड़कों पर उतरे परीक्षार्थियों के भारी दबाव के चलते JPSC चेयरमैन को अपने पद से आनन-फानन में इस्तीफा देना पड़ा। चेयरमैन के इस्तीफे के बाद से इस पूरी प्रक्रिया पर संदेह के बादल और गहरे हो गए हैं। छात्रों का तर्क है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और साफ-सुथरी थी, तो आयोग के अध्यक्ष को हटाने की स्थिति क्यों बनी?

103 प्रशासनिक पदों पर होनी है बहाली

उल्लेखनीय है कि इस परीक्षा प्रक्रिया के जरिए राज्य के विभिन्न प्रशासनिक विभागों में कुल 103 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इसमें डिप्टी कलेक्टर के 28, डीएसपी (DSP) के 42, जिला समादेष्टा के 2, प्रोबेशन अधिकारी के 4, सहायक नगर आयुक्त के 10, जेल अधीक्षक के 2 और जिला जनसंपर्क अधिकारी (DPRO) के 10 पदों सहित अन्य पद शामिल हैं। फिलहाल मुख्य परीक्षा स्थगित होने से हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।

 

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