अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की न्यासी मंडल की अहम बैठक बुधवार को अयोध्या के श्री मणिराम दास छावनी में संपन्न हुई। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में सावन मेले की तैयारियों, मंदिर की धार्मिक समिति के पुनर्गठन, नए सीईओ (CEO) की नियुक्ति और चढ़ावे की गिनती को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। ट्रस्ट ने चढ़ावे की गिनती में हुई कथित अनियमितताओं पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के रवैये पर गहरी नाराजगी जताई है।
धार्मिक समिति का पुनर्गठन, अयोध्या के 4 प्रमुख संतों को मिली जगह
बैठक का सबसे अहम फैसला मंदिर परिसर में पूजा-पाठ की परंपरा और धार्मिक शुद्धता को बनाए रखने के लिए धार्मिक समिति का पुनर्गठन रहा। इस नई समिति की कमान स्वामी गोविंद देव गिरि जी को सौंपी गई है। इसके अलावा समिति में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, मध्वपीठाधीश्वर स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ के साथ अयोध्या के चार प्रमुख संतों— स्वामी दिनेंद्रदास (निर्मोही अखाड़ा), स्वामी कमलनयनदास (मणिराम छावनी), महंत राजकुमार दास (रमावल्लभ कुंज), स्वामी रामानंद दास (राम कथा कुंज) और स्वामी मिथिलेश्नंदिनी शरण को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
एसबीआई (SBI) के रवैये पर ट्रस्ट ने जताई घोर निराशा
ट्रस्ट के महासचिव कृष्ण मोहन द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ चढ़ावा राशि की गिनती के एमओयू (MoU) की व्यापक समीक्षा की गई। बैंक की तरफ से हुई कथित लापरवाही और इस मुद्दे पर बैंक के गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर ट्रस्ट ने निराशा जाहिर की है। भविष्य में बैंक के साथ संबंध रखने और नई मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) को तय करने का जिम्मा अब ट्रस्ट की वित्त समिति को सौंप दिया गया है। वहीं, चढ़ावे में हुई गड़बड़ी की एसआईटी (SIT) जांच की फाइनल रिपोर्ट अभी आनी बाकी है, जिस कारण इस पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी।
CEO की नियुक्ति में लगेगा वक्त, बनेगी अंतरिम व्यवस्था
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति फिलहाल टल गई है। चयन समिति ने बड़ी संख्या में आए आवेदनों का हवाला देते हुए प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक महीने का और समय मांगा है। हालांकि, श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और प्रशासनिक कार्यों में कोई बाधा न आए, इसलिए न्यासी मंडल ने फिलहाल एक अंतरिम सचिव की नियुक्ति को हरी झंडी दे दी है। इसके अलावा, समाज और मीडिया तक प्रामाणिक जानकारी पहुंचाने के लिए ट्रस्ट ने जल्द ही एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने का भी निर्णय लिया है।
सावन में उमड़ेगी भीड़, सुरक्षा और निगरानी सख्त
बैठक में सावन महीने में रामलला के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भारी भीड़ के प्रबंधन पर विशेष चर्चा हुई। ट्रस्ट ने परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और सुरक्षा व्यवस्था पर संतोष जताया है। चढ़ावा कक्ष की निगरानी संबंधित सुरक्षा अधिकारियों के सुपुर्द कर दी गई है। साथ ही सोने-चांदी के चढ़ावे की मात्रा और शुद्धता जांचने के लिए रिजर्व बैंक की टकसाल (Mint) का सहयोग पहले की तरह ही जारी रहेगा।
दुष्प्रचार के बाद भी अटूट है रामभक्तों की आस्था
ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि हालिया दिनों में राम मंदिर को लेकर किए जा रहे तरह-तरह के दुष्प्रचार का श्रद्धालुओं की आस्था पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ा है और दर्शनार्थियों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है। न्यासी मंडल ने करोड़ों भक्तों के इस अटूट विश्वास के लिए संत समाज, स्थानीय अवध वासियों और देश-दुनिया से आ रहे श्रद्धालुओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।










