अयोध्या। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या में गुरुवार (24 जुलाई) दोपहर 2:30 बजे संत-महंतों की एक अति महत्वपूर्ण और बड़ी बैठक बुलाई गई है। मणिराम दास छावनी परिसर में आयोजित होने वाली इस बैठक में अयोध्या के सभी प्रमुख पीठाधीश्वर, महंत और साधु-संत शामिल होंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के शीर्ष पदाधिकारी भी इस मंथन का हिस्सा बनेंगे। हाल ही में राम मंदिर के चढ़ावे में सामने आई अनियमितताओं और ट्रस्ट से जुड़े विवादों के बीच इस बैठक को राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।
250 से 300 संत होंगे शामिल, राम मंदिर विवाद और छवि सुधार मुख्य एजेंडा
सूत्रों के अनुसार, इस उच्चस्तरीय बैठक में लगभग 250 से 300 संतों के शामिल होने की उम्मीद है। बैठक का मुख्य एजेंडा राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी घटना के बाद रामभक्तों का विश्वास बहाल रखना, अयोध्या की सार्वजनिक छवि को मजबूत करना और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े प्रशासनिक मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श करना है। संघ और विहिप की कोशिश है कि संत समाज की राय को सर्वोपरि रखकर इस पूरे मामले में एक ठोस रणनीति बनाई जाए।
RSS और VHP के बड़े दिग्गज अयोध्या में मौजूद
इस बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल और पूर्व सरकार्यवाह भैयाजी जोशी शामिल हो सकते हैं। इसके अतिरिक्त क्षेत्र प्रचारक अनिल, प्रांत प्रचारक कौशल, प्रांत प्रचार प्रमुख गंगा और सह-प्रांत प्रचारक मनोज कांत पहले ही अयोध्या में डेरा डाले हुए हैं और संतों से निरंतर संपर्क साध रहे हैं।
धार्मिक समिति का गठन और नाराजगी दूर करने की पहल
हाल ही में राम मंदिर ट्रस्ट द्वारा गठित की गई नई ‘धार्मिक समिति’ और उसमें अयोध्या के नाराज चल रहे प्रमुख संतों को स्थान दिए जाने को एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। बैठक का उद्देश्य संत समाज के साथ संवादहीनता को खत्म करना और उन्हें मंदिर प्रबंधन के निर्णयों में अधिक से अधिक भागीदार बनाना है।
चंपत राय के समर्थन में उतर सकते हैं संत
चर्चा यह भी है कि विहिप और संघ ने इस बैठक से पहले अयोध्या के साधु-संतों के साथ बड़े पैमाने पर अनौपचारिक बातचीत की है। सूत्रों की मानें तो बैठक के दौरान कुछ प्रमुख संत सार्वजनिक रूप से राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में अपनी बात रख सकते हैं और अब तक प्रशासन व ट्रस्ट द्वारा की गई कानूनी व सुधारात्मक कार्रवाइयों पर अपनी सहमति जता सकते हैं।









