अमेठी। लखनऊ–वाराणसी रेलखंड स्थित सिंदुरवा रेलवे स्टेशन के पास शनिवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा होने से बाल-बाल बच गया। इंडोरामा उर्वरक (खाद) इकाई की साइडिंग पर जा रही एक मालगाड़ी के सात वैगन अचानक बेपटरी हो गए। घटना सुबह करीब पांच बजे की है। लोको पायलट (चालक) की सतर्कता और त्वरित सूझबूझ के चलते ट्रेन समय रहते रुक गई, जिससे डिब्बे पलटने से बच गए और एक बड़ी दुर्घटना टल गई। हादसे के बाद रेलवे महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में तकनीकी टीमें मौके पर पहुंच गईं।
चालक की समझदारी से टली बड़ी तबाही
आरपीएफ निहालगढ़ के उपनिरीक्षक रमेश कुमार और सिंदुरवा स्टेशन अधीक्षक अमित कुमार ने घटना की पुष्टि की है। अधिकारियों ने बताया कि जैसे ही मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे, चालक ने बिना देरी किए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। इस वजह से डिब्बे पलटे नहीं और केवल पटरी से नीचे उतरे। हादसे में किसी भी तरह की जनहानि या किसी रेलकर्मी के चोटिल होने की सूचना नहीं है।
मेन ट्रैक सुरक्षित, साइडिंग पर खाद का परिवहन प्रभावित
राहत की बात यह रही कि यह दुर्घटना इंडोरामा फैक्टरी को जोड़ने वाले यूआरएल (साइडिंग) ट्रैक पर हुई। इसके चलते लखनऊ-वाराणसी रूट के मुख्य (मेन) ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही पूरी तरह सामान्य और अप्रभावित रही। हालांकि, साइडिंग ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के कारण इंडोरामा उर्वरक इकाई में मालगाड़ियों का आवागमन और खाद की लोडिंग-अनलोडिंग का काम फिलहाल पूरी तरह ठप हो गया है।
तकनीकी टीम जांच और ट्रैक बहाली में जुटी
सूचना मिलते ही रेलवे के इंजीनियरिंग, परिचालन (ऑपरेटिंग) विभाग और आरपीएफ (RPF) के वरिष्ठ अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रभावित इलाके की बैरिकेडिंग कर बचाव व राहत कार्य शुरू कर दिया गया है। हाइड्रोलिक क्रेन और तकनीकी टीमों की मदद से बेपटरी हुए वैगनों को हटाने और क्षतिग्रस्त पटरियों की मरम्मत का काम जारी है। अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच के बाद ही हादसे के सटीक कारणों का पता चल सकेगा। ट्रैक के पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही साइडिंग पर परिचालन बहाल किया जाएगा।







