धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP का आंदोलन खत्म: खाली हुआ जंतर-मंतर, NDMC ने चलाया सफाई अभियान…क्या संसद में थमेगा गतिरोध?

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के अपने पद से इस्तीफे की घोषणा के साथ ही जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का उग्र आंदोलन समाप्त हो गया है। लगभग एक महीने से चल रहे इस प्रदर्शन के थमते ही दिल्ली का ऐतिहासिक धरनास्थल जंतर-मंतर पूरी तरह खाली हो गया है। जहां हफ्तों से हजारों युवाओं का हुजूम, विरोध प्रदर्शन और गूंजते नारे दिखाई दे रहे थे, वहां अब पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। आंदोलनकारी अपने-अपने घरों को लौटने लगे हैं, मुख्य मंच, टेंट और लाउडस्पीकर हटा दिए गए हैं। इसके तुरंत बाद नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) की टीम ने मौके पर पहुंचकर व्यापक सफाई अभियान चलाया।

रविवार सुबह बदला नजर आया जंतर-मंतर का नजारा

रविवार (26 जुलाई) की सुबह जंतर-मंतर की तस्वीरें पूरी तरह से बदली हुई दिखाई दीं। कई दिनों तक चले भारी शोर-शराबे के बाद अब वहां अजीब सी खामोशी छा गई है। धरनास्थल से मुख्य मंच, अस्थायी टेंट, साउंड सिस्टम और लाउडस्पीकर पूरी तरह समेट लिए गए हैं। जंतर-मंतर पर अब केवल पुलिस की कुछ बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था में तैनात गिने-चुने सुरक्षाकर्मी ही नजर आ रहे हैं।

NDMC ने चलाया विशेष सफाई अभियान, छात्रों ने भी दिया योगदान

आंदोलन के दौरान धरनास्थल पर बड़ी मात्रा में कचरा, पुराने बैनर और पोस्टर एकत्र हो गए थे। जैसे ही आंदोलन खत्म होने का औपचारिक ऐलान हुआ, NDMC की टीम ने पूरे परिसर की सफाई का काम अपने हाथ में लिया। इस दौरान कई छात्र और प्रदर्शनकारी भी सफाई कर्मचारियों के साथ हाथ बंटाते और परिसर को साफ करते नजर आए। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में पूरे क्षेत्र को कचरा और पोस्टर मुक्त कर दिया गया है।

सरकार ने स्वीकार कीं CJP की तीनों प्रमुख मांगें

गौरतलब है कि शनिवार (25 जुलाई) को धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने CJP की तीनों प्रमुख मांगों को पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। इन मांगों में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, आंदोलन के दौरान जान गंवाने वालों के परिजनों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना और प्रदर्शनकारियों व आयोजकों पर दर्ज सभी कानूनी केस व FIR तुरंत वापस लेना शामिल है। इन मांगों के पूरा होने के बाद CJP ने अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा कर दी।

क्या सोमवार को संसद में थमेगा गतिरोध?

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और इस आंदोलन की गूंज के कारण संसद का जारी मॉनसून सत्र भी अब तक पूरी तरह प्रभावित रहा है। 19 जुलाई से शुरू हुए इस सत्र में विपक्षी दलों ने लगातार हंगामा किया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे, जिसके कारण लगातार पांच दिनों तक दोनों सदनों की कार्यवाही ठप रही। अब सोमवार (27 जुलाई) को एक बार फिर संसद सत्र की कार्यवाही शुरू होने जा रही है। ऐसे में यह देखना बेहद अहम होगा कि छात्रों और CJP का आंदोलन समाप्त होने के बाद क्या संसद में बना गतिरोध खत्म हो पाता है या नहीं।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha