
संसद के मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में एक अनोखा और हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव अयोध्या राम मंदिर के दान प्रबंधन में कथित हेराफेरी और धांधली के मुद्दे को लेकर संसद परिसर में अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। पप्पू यादव सिर पर साफा और शरीर पर भगवा चोला धारण कर पूरी तरह साधु-संत के भेष में नजर आए। वे संसद भवन के बाहर जमीन पर ही बैठ गए और मंदिर के चंदे में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ विरोध जताते हुए ‘दान’ मांगने लगे।
राहुल गांधी ने पप्पू यादव को दिया दान, विपक्षी सांसदों ने की जमकर नारेबाजी
पप्पू यादव के इस अनोखे प्रदर्शन को विपक्ष का भी जोरदार समर्थन मिला। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर पप्पू यादव से मुलाकात की और अपने हाथ से उन्हें ‘दान’ के रूप में पैसे दिए। राहुल गांधी के अलावा समाजवादी पार्टी (SP) के कई सांसदों ने भी पप्पू यादव के ‘दान पात्र’ में पैसे डाले और उनके इस प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान विपक्षी नेताओं और सांसदों ने राम मंदिर के चंदे में कथित घपलेबाजी की जांच की मांग को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जोरदार प्रदर्शन किया।
‘चंदे के हिसाब और पारदर्शिता’ की मांग पर अड़ा विपक्ष
सांसद पप्पू यादव ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि आस्था के नाम पर देश भर के श्रद्धालुओं से इकट्ठा किए गए करोड़ों रुपये के चढ़ावे और दान में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की जा रही है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा और मेहनत की कमाई का एक-एक पैसा पूरी तरह पारदर्शी होना चाहिए। पप्पू यादव ने सरकार और मंदिर ट्रस्ट से मांग की कि अब तक मिले कुल दान और उसके खर्च का सार्वजनिक लेखा-जोखा (सार्वजनिक ऑडिट) देश की जनता के सामने पेश किया जाए।














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