घाटी में फिर सिर उठाने लगा ‘टारगेट किलिंग’ का खौफ : कुलगाम में जिंदगी की जंग हारा छत्तीसगढ़ का दूसरा मजदूर, 10 दिन में 3 की हत्या

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों द्वारा गैर-कश्मीरी नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाने की घिनौनी साजिश यानी ‘टारगेट किलिंग’ एक बार फिर पैर पसारती नजर आ रही है। दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में शुक्रवार शाम ईंट-भट्ठे पर हुए आतंकी हमले में गंभीर रूप से घायल छत्तीसगढ़ के दूसरे मजदूर भूपिंदर ने भी शनिवार सुबह अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही इस कायराना हमले में जान गंवाने वाले मजदूरों की संख्या दो हो गई है। बीते 10 दिनों के भीतर कश्मीर घाटी में टारगेट किलिंग की यह दूसरी बड़ी वारदात है, जिससे स्थानीय लोगों और प्रवासी मजदूरों में दहशत का माहौल है।

अस्पताल में तोड़ा दम, छत्तीसगढ़ के रहने वाले थे दोनों युवा

पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर शाम कुलगाम जिले के केल्लम इलाके में स्थित एक ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे गैर-स्थानीय मजदूरों पर आतंकियों ने अचानक अंधाधुंध गोलीबारी कर दी थी। इस गोलीबारी में छत्तीसगढ़ निवासी 24 वर्षीय दीपक रात्रे और 28 वर्षीय भूपिंदर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दीपक रात्रे को डॉक्टरों ने मौके पर ही मृत घोषित कर दिया था, जबकि भूपिंदर की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जीएमसी अनंतनाग से सौरा स्थित SKIMS अस्पताल रेफर किया गया था, जहां शनिवार सुबह डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी मौत हो गई।

10 दिन के भीतर दूसरी बड़ी वारदात से सहमी घाटी

गौरतलब है कि यह दर्दनाक घटना अनंतनाग शहर में हुई उस आतंकी वारदात के महज 10 दिन के भीतर सामने आई है, जिसमें आतंकवादियों ने एक पुलिस अधिकारी की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी थी। 10 दिनों के भीतर तीन बेकसूरों की हत्या से घाटी में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सुरक्षा बलों ने पूरे कुलगाम और आसपास के इलाकों को घेरकर सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है, ताकि इस घटना में शामिल आतंकियों का जल्द से जल्द सफाया किया जा सके।

2024 के बाद फिर तेजी से बढ़ा गैर-स्थानीय लोगों पर हमला

कश्मीर में गैर-कश्मीरी नागरिकों को निशाना बनाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले वर्ष 2024 में भी श्रीनगर के शहीद गंज इलाके में 7 फरवरी को पंजाब के रहने वाले दो मजदूरों—अमृतपाल सिंह और रोहित मसीह की आतंकियों ने नजदीक से गोली मारकर हत्या कर दी थी। अब एक बार फिर अचानक से जिस तरह से गैर-स्थानीय मजदूरों और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया जा रहा है, उसने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का दावा है कि इस खौफनाक साजिश को नाकाम करने के लिए पूरे प्रदेश में कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।

 

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