
नई दिल्ली: बादाम सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ई, मैग्नीशियम, हेल्दी फैट्स और आवश्यक मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि ठंडे पानी में भिगोए गए बादाम से शरीर को पूरा पोषण नहीं मिलता और इन्हें केवल गर्म पानी में ही भिगोना चाहिए। हालांकि, पोषण और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस दावे को पूरी तरह से वैज्ञानिक आधारहीन और भ्रामक बताया है।
फाइटिक एसिड और पोषक तत्वों का अवशोषण: क्या है सच?
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, बादाम समेत कई बीजों और मेवों में ‘फाइटिक एसिड’ (Phytic Acid) नाम का एक प्राकृतिक यौगिक होता है। यह यौगिक आयरन, जिंक और कैल्शियम जैसे खनिजों के अवशोषण को थोड़ा प्रभावित कर सकता है। लेकिन संतुलित आहार लेने वाले स्वस्थ व्यक्तियों में इसका प्रभाव नगण्य होता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सोचना वैज्ञानिक रूप से गलत है कि फाइटिक एसिड की मौजूदगी के कारण शरीर को बादाम के पोषक तत्व नहीं मिलते। बादाम को पानी में भिगोने से केवल उसका छिलका नरम हो जाता है, जिससे इसे चबाना और पचाना आसान हो जाता है।
क्या केवल गर्म पानी में भिगोना ही सही है?
अध्ययनों के अनुसार, बादाम भिगोने से फाइटिक एसिड में मामूली कमी आ सकती है, लेकिन गर्म पानी में भिगोने से पोषक तत्वों का अवशोषण अचानक बढ़ जाएगा—इस बात के कोई निर्णायक वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।
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सही तरीका: यदि आप बादाम भिगोकर खाना पसंद करते हैं, तो उन्हें सामान्य या हल्के गुनगुने पानी में 6 से 8 घंटे तक भिगोना पूरी तरह से पर्याप्त है। इसके बाद छिलका उतारकर या बिना छिलके के इसका सेवन किया जा सकता है।
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उबलते पानी से बचें: बादाम को उबलते पानी में लंबे समय तक भिगोने की कोई आवश्यकता नहीं होती। पानी में नमक मिलाने से फाइटिक एसिड पूरी तरह खत्म हो जाता है, इसका भी कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं है।
एक दिन में कितने बादाम खाने चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ वयस्क के लिए प्रतिदिन 20 से 30 ग्राम बादाम (लगभग 15 से 20 बादाम) का सेवन संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, यह मात्रा व्यक्ति की उम्र, शारीरिक गतिविधि, ऊर्जा की आवश्यकता और दैनिक आहार पर भी निर्भर करती है।













