ढाका/मागुरा: बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत में आयोजित एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के कुछ ही घंटों बाद पूर्व बांग्लादेशी क्रिकेट कप्तान और अवामी लीग के पूर्व सांसद शाकिब अल हसन का घर हिंसा की चपेट में आ गया। बुधवार देर रात मागुरा शहर के केशवमोर इलाके स्थित शाकिब के पुश्तैनी घर पर उपद्रवियों ने पेट्रोल बम फेंका और जमकर तोड़-फोड़ की।
अवामी लीग का बयान: ‘प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने की चुकाई कीमत’
इस हमले के बाद अवामी लीग की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी के आधिकारिक बयान में कहा गया कि अवामी लीग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के कारण ही नेताओं और समर्थकों के घरों को आग के हवाले किया जा रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश पर इस समय नव-फासीवाद का साया है और मौजूदा अंतरिम सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है। बयान में आगे कहा गया कि यह घटना लोकतंत्र के नाम पर कार्यकर्ताओं के खिलाफ चल रहे योजनाबद्ध उत्पीड़न का एक और सबूत है।
मीडिया आउटलेट्स को पहले से ही मिल रही थीं धमकियाँ
प्रेस कॉन्फ्रेंस के आयोजन से पहले ही बांग्लादेश के कई राजनीतिक दलों—बीएनपी (BNP), इस्लामी जमात और एनसीपी (NCP)—ने राष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स को खुलेआम चेतावनी दी थी। उन्होंने साफ तौर पर कहा था कि अगर शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस का प्रसारण या खबरें छापी गईं, तो वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और कानूनी कार्रवाई करेंगे।
‘चाहे जेल हो या मौत, बांग्लादेश लौटूंगी’: शेख हसीना का बड़ा ऐलान
शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के दो साल पूरे होने के मौके पर आयोजित इस वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में पूर्व प्रधानमंत्री ने कई बड़े दावे किए। 78 वर्षीय शेख हसीना ने कहा कि वे दिसंबर में हर हाल में बांग्लादेश वापस लौटने का मन बना चुकी हैं। उन्होंने कहा, “मेरा लौटना सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि देश को विकास, धर्मनिरपेक्षता और खुशहाली के रास्ते पर लाने के लिए है। मुझे पता है कि वहां मुझे जेल में डाला जा सकता है या मार भी दिया जा सकता है, लेकिन मैं अपने देशवासियों के बीच वापस जाऊंगी।”
भारत सरकार द्वारा इजाजत देने पर भड़का बांग्लादेश विदेश मंत्रालय
नई दिल्ली के फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताई है। बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि एक भगोड़ी और नरसंहार की आरोपी को भारत से मीडिया से लाइव बातचीत करने की इजाजत दी गई। ढाका ने यह भी कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों को इजाजत दिए जाने से भारत-बांग्लादेश के द्विपक्षीय संबंधों को दोबारा सामान्य बनाने की कोशिशों को गहरा झटका लगा है।













