
ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) के आठवें दिन भारत का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। जेवलिन थ्रो, जूडो और एथलेटिक्स में भारतीय एथलीटों ने अपना दमखम दिखाते हुए कुल 6 मेडल अपने नाम किए। इनमें 2 गोल्ड, 2 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) को हालांकि इस बार सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा, लेकिन भारत के युवा थ्रोअर यशवीर सिंह ने अपने पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन के साथ ब्रॉन्ज जीत कर सभी को चौंका दिया। मेडल टैली में भारत अब तक 5 गोल्ड, 12 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज के साथ कुल 23 मेडल जीतकर 10वें स्थान पर पहुंच गया है।
जेवलिन थ्रो: नीरज चोपड़ा चूके गोल्ड, श्रीलंका के रुमेश ने मारी बाजी
जेवलिन थ्रो स्पर्धा में भारत को दो मेडल मिले। नीरज चोपड़ा ने अपने 85.83 मीटर के बेस्ट थ्रो के साथ सिल्वर मेडल पर कब्जा जमाया। श्रीलंका के रुमेश पथिराजे ने 89.75 मीटर के विशाल थ्रो के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं, इस मुकाबले में सबसे बड़ा सरप्राइज भारत के यशवीर सिंह रहे। उन्होंने 85.41 मीटर का अपना पर्सनल बेस्ट थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल जीतकर सनसनी मचा दी। पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और वह टॉप-8 में भी जगह नहीं बना सके, जिसके चलते तीन राउंड के बाद ही बाहर हो गए।
डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर ने रचा इतिहास
भारत के तेजस्विन शंकर ने एथलेटिक्स में बड़ा कारनामा कर दिखाया है। उन्होंने डेकाथलॉन (Decathlon) इवेंट में 7976 अंकों के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता है। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में डेकाथलॉन इवेंट में मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। ग्रेनाडा के लिंडन विक्टर (8096 अंक) ने गोल्ड और डेमियन वार्नर (8036 अंक) ने सिल्वर मेडल जीता। बता दें कि तेजस्विन इससे पहले 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में हाई जंप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके हैं।
जूडो में भारत का स्वर्णिम दिन: अस्मिता और हर्ष को ऐतिहासिक गोल्ड
गेम्स के आठवें दिन जूडो में भारत ने इतिहास रच दिया। त्रिपुरा की 23 वर्षीय अस्मिता डे (Asmita Dey) ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में भारत को जूडो का पहला गोल्ड मेडल दिलाया। उन्होंने फाइनल में शानदार वापसी करते हुए कनाडा की हेइडी क्वाच को गोल्डन स्कोर में हराया। अस्मिता की इस ऐतिहासिक जीत के ठीक 15 मिनट बाद 23 साल के हर्ष सिंह (Harsh Singh) ने पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के जोशुआ काट्ज को 10-0 (वाजा-अरी) से मात देकर भारत की झोली में दूसरा गोल्ड डाल दिया।
वहीं, महिला 57 किग्रा वर्ग के फाइनल में यामिनी मौर्य (Yamini Maurya) को कड़े संघर्ष के बाद इंग्लैंड की एसेल्या टोपराक के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा।

बॉक्सिंग में भी भारत का जलवा, 10 मुक्केबाज फाइनल में
मुक्केबाजी (Boxing) रिंग में भी भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा देखने को मिला। भारत के सभी 10 बॉक्सर अपने-अपने इवेंट के फाइनल में पहुंच गए हैं, जिससे भारत के लिए कई और मेडल पक्के हो गए हैं। महिला वर्ग में प्रीति पवार, साक्षी चौधरी, जैस्मीन लम्बोरिया, अरुंधति चौधरी, प्रिया घंघास और लवलीना बोरगोहेन गोल्ड मेडल के लिए पंच लगाएंगी। वहीं, पुरुष वर्ग में अंकुश पंघाल, जादुमणि सिंह, सचिन सिवाच और नरेंद्र बेरवाल फाइनल मुकाबला खेलेंगे।













