
प्रयागराज। रेलवे ने अपने लाखों कर्मचारियों के लिए पदोन्नति प्रक्रिया को आसान कर दिया है। अब निचले ग्रेड से उच्च ग्रेड में प्रमोशन के लिए कर्मचारियों को हर स्थिति में दो साल की नियमित सेवा पूरी होने तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। रेलवे बोर्ड ने रेजीडेंसी पीरियड यानी न्यूनतम दो साल की सेवा की शर्त को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए नया आदेश जारी किया है।
नए नियम के तहत दो साल की न्यूनतम सेवा की अवधि अब रिक्ति मूल्यांकन (वैकेंसी असेसमेंट) की निर्धारित अवधि के भीतर पूरी होनी चाहिए। अभी तक उच्च पद पर प्रमोशन के लिए निचले पद पर कम से कम दो साल की नियमित सेवा पूरी करना अनिवार्य माना जाता था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं होने के कारण कर्मचारियों के बीच अक्सर यह भ्रम रहता था कि दो साल की सेवा किस तारीख तक पूरी होनी चाहिए।
कई मामलों में प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू होने के दिन यदि किसी कर्मचारी की दो साल की सेवा पूरी नहीं हुई होती थी, तो उसे पदोन्नति के लिए अयोग्य मान लिया जाता था। इसी जटिलता को दूर करने के लिए रेलवे बोर्ड ने 10 अगस्त को आदेश जारी कर नियम स्पष्ट किए हैं। आदेश के मुताबिक, सिलेक्शन पोस्ट्स यानी लिखित परीक्षा और योग्यता के आधार पर होने वाली पदोन्नति में दो साल की सेवा की शर्त 15 महीने के वैकेंसी असेसमेंट चक्र के भीतर पूरी होनी जरूरी होगी। वहीं, नॉन-सिलेक्शन पोस्ट्स यानी वरिष्ठता और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर होने वाली पदोन्नति में यह शर्त 12 महीने के वैकेंसी असेसमेंट चक्र के भीतर पूरी करनी होगी।
रेलवे के नए प्रावधान के अनुसार, यदि किसी कर्मचारी ने नियमित नियुक्ति से ठीक पहले बिना किसी ब्रेक के एडहॉक सेवा की है, तो उस सेवा अवधि को भी दो साल की न्यूनतम सेवा की गणना में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, यदि किसी जूनियर कर्मचारी को प्रमोशन के लिए पात्र माना जाता है, तो उससे वरिष्ठ कर्मचारी भी स्वतः पदोन्नति का हकदार होगा, भले ही वरिष्ठ कर्मचारी ने निचले पद पर दो साल की कुल सेवा पूरी न की हो।
उप निदेशक स्थापना अजय गोयल ने बताया कि पुराने और बंद हो चुके मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा। यह नया नियम वर्तमान और आगामी सभी प्रमोशन प्रक्रियाओं पर लागू होगा। रेलवे बोर्ड के इस फैसले से उन कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें सेवा अवधि की तारीख को लेकर तकनीकी कारणों से पदोन्नति प्रक्रिया में अयोग्य घोषित कर दिया जाता था।













