राहुल गांधी की SC में याचिका, CBI-ED जांच और इलाहाबाद HC के आदेश पर उठाए सवाल

मोदी सरनेम मामले में सजा के बाद राहुल गांधी की संसद सदस्यता गई, अब आगे क्या हैं विकल्प? - After conviction Modi surname case Rahul Gandhi lost his membership Parliament now what नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उन आदेशों को चुनौती दी है, जिनमें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करने को कहा गया था। मामला कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी के पास उनकी घोषित आय के मुकाबले अधिक संपत्ति है। इसी शिकायत पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मई में निर्देश दिया था कि आरोपों की कानून के मुताबिक जांच की जाए। हाईकोर्ट ने कहा था कि CBI और ED कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई कर सकती हैं। इसके बाद दोनों एजेंसियों को जांच में हुई प्रगति की जानकारी अदालत को देने के निर्देश दिए गए थे।

CBI के हलफनामे पर हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

20 जुलाई को मामले की सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने CBI के हलफनामे पर नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि एजेंसी का हलफनामा उसके पहले दिए गए निर्देशों के अनुरूप नहीं था। वहीं, कोर्ट ने कहा कि ED ने मामले में जरूरी कदम उठाए हैं और जांच के दौरान कोई नई जानकारी सामने आने पर वह कानून के अनुसार कार्रवाई कर सकती है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 20 अगस्त की तारीख तय की है।

दिल्ली हाईकोर्ट में मामला ट्रांसफर करने की मांग

राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में एक दूसरी याचिका भी दाखिल की है। इसमें उन्होंने मामले को इलाहाबाद हाईकोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट स्थानांतरित करने की मांग की है। दोनों याचिकाएं 7 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई हैं। इन पर 17 अगस्त को सुनवाई होने की संभावना है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ कर सकती है।

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