‘दिल्ली में लाल किले के पास हुए हमले के पीछे था अल-कायदा का हाथ’, संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

 

नई दिल्ली : दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए कार धमाके की जांच को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की 38वीं विश्लेषणात्मक सहायता एवं प्रतिबंध निगरानी टीम की रिपोर्ट में हमले को अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जोड़ा गया है। रिपोर्ट में AQIS को क्षेत्रीय स्तर पर सक्रिय और अपने नेटवर्क का विस्तार करने वाला आतंकी संगठन बताया गया है।

हालांकि, इस मामले में पहले सामने आई UNSC की 37वीं रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का संभावित लिंक बताया गया था। इसके अलावा, भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में भी हमले के आरोपियों के AQIS से जुड़े संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से संबंध सामने आने की बात कही गई थी।

UNSC की नई रिपोर्ट में क्या कहा गया?

UNSC की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक AQIS अब केवल बिखरे हुए नेटवर्क के रूप में काम नहीं कर रहा है, बल्कि एक क्षेत्रीय आतंकी संगठन के तौर पर अपनी गतिविधियों को बढ़ा रहा है। रिपोर्ट में संगठन के छोटे-छोटे सेल, वित्तीय नेटवर्क और सामान पहुंचाने वाले नेटवर्क विकसित करने का उल्लेख किया गया है।

रिपोर्ट में बांग्लादेश में AQIS की गतिविधियों और वहां अपने संचालन के लिए ठिकाने या सेल स्थापित करने की कोशिशों को लेकर भी चिंता जताई गई है।

पहले जैश-ए-मोहम्मद का आया था नाम

लाल किले के पास हुए धमाके को लेकर इससे पहले UNSC की 37वीं रिपोर्ट में जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि एक सदस्य देश ने JeM की ओर से कई हमलों की जिम्मेदारी लेने की जानकारी दी थी, जिसमें नवंबर 2025 में दिल्ली के लाल किले के पास हुआ हमला भी शामिल था।

नई रिपोर्ट में AQIS का नाम सामने आने से मामले की जांच और आतंकी नेटवर्क को लेकर तस्वीर और महत्वपूर्ण हो गई है।

कैसे हुआ था लाल किले के पास धमाका?

10 नवंबर 2025 की शाम लाल किले के पास एक कार में जोरदार विस्फोट हुआ था। जांच एजेंसियों के अनुसार वाहन में विस्फोटक सामग्री थी और कार को उमर उन नबी चला रहा था। विस्फोट में 11 लोगों की मौत हुई और कई लोग घायल हुए। बाद में मामले की जांच NIA को सौंप दी गई। गृह मंत्रालय ने घटना के बाद सभी संभावित पहलुओं से जांच की बात कही थी।

NIA ने दाखिल की 7,500 पन्नों की चार्जशीट

इस मामले में NIA ने मई 2026 में करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। जांच एजेंसी के अनुसार आरोपियों के संबंध अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) से थे, जिसे AQIS का सहयोगी संगठन माना जाता है।

चार्जशीट में 10 आरोपियों का नाम शामिल किया गया था। जांच में 588 गवाहों के बयान, 395 से अधिक दस्तावेज और 200 से ज्यादा जब्त सामग्री को साक्ष्य के तौर पर शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई थी।

अल-कायदा और IS से जुड़े नेटवर्क पर भी चिंता

UNSC की रिपोर्ट में अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट (ISIL) से जुड़े संगठनों की गतिविधियों को लेकर व्यापक चिंता जताई गई है। रिपोर्ट में विशेष रूप से आतंकवादी संगठनों की तकनीकी क्षमताओं, ऑनलाइन प्रचार और संभावित खतरनाक हथियारों से जुड़ी जानकारी साझा करने की गतिविधियों का उल्लेख किया गया है।

लाल किले के पास हुए धमाके के मामले में नई UNSC रिपोर्ट और NIA की जांच दोनों में AQIS से जुड़े नेटवर्क की ओर संकेत सामने आने के बाद भारत में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल और उनके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों पर सुरक्षा एजेंसियों की नजर और महत्वपूर्ण हो गई है।

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