खड़गपुर। आईआईटी खड़गपुर में मेधावी छात्र अंकित शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद संस्थान में हड़कंप मच गया है। यांत्रिक अभियंत्रण (मैकेनिकल इंजीनियरिंग) के द्वितीय वर्ष के छात्र अंकित की चौथी मंजिल से गिरकर हुई मौत को परिवार ने दुर्घटना या आत्महत्या मानने से साफ इनकार कर दिया है। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि अंकित को चौथी मंजिल से धक्का देकर नीचे गिराया गया है। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और आईआईटी प्रबंधन दोनों ही हरकत में आ गए हैं। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना, आत्महत्या और हत्या—तीनों पहलुओं से मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। इसके अलावा आईआईटी प्रशासन ने भी मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए एक आंतरिक जांच समिति का गठन किया है।
नालंदा परिसर की घटना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
यह दुखद हादसा गुरुवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे नालंदा परिसर में हुआ, जहां चौथी मंजिल से गिरने के कारण अंकित शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी जान चली गई। शुक्रवार को मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जहां मृतक के चाचा भंवरलाल शर्मा और चचेरे भाई जयप्रकाश शर्मा भी मौजूद रहे। आईआईटी प्रबंधन और पुलिस द्वारा दी गई शुरुआती थ्योरी के अनुसार, घटना के दो संभावित कारण बताए जा रहे हैं। पहला, बालकनी की रेलिंग पर बैठकर फोन पर बात करते समय संतुलन बिगड़ना और दूसरा, बारिश की वजह से फिसलन होने पर पैर फिसलकर गिर जाना। हालांकि, परिजन इन दोनों ही तर्कों से असहमत हैं।
परिजनों ने उठाए ये 4 तीखे सवाल
मृतक के परिजनों ने घटना की परिस्थितियों पर सवाल खड़े करते हुए निष्पक्ष पुलिस जांच की मांग की है:
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रेलिंग और क्लास का समय: परिजनों का कहना है कि दोपहर 3 बजे अंकित की क्लास थी। ऐसे में पढ़ाई के समय वह बालकनी की रेलिंग पर बैठकर फोन पर बात क्यों करेगा? बालकनी में रेलिंग होने के कारण सिर्फ फिसलकर नीचे गिर जाना मुमकिन नहीं लगता।
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सीसीटीवी का न होना: जिस नालंदा परिसर की इमारत में यह घटना हुई, वहां सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगे थे? इतने बड़े और प्रतिष्ठित संस्थान में सुरक्षा कैमरों का न होना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है।
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प्रत्यक्षदर्शियों की चुप्पी: दोपहर के समय जब परिसर में सैकड़ों छात्र और प्रोफेसर मौजूद थे, तब अंकित को गिरते हुए या किसी संदिग्ध गतिविधि को किसी ने क्यों नहीं देखा?
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मौत से ठीक पहले पैसे मांगना: घटना से करीब एक घंटे पहले (ढाई बजे) अंकित ने अपने घर फोन करके ₹5,000 मांगे थे। परिजनों का तर्क है कि अगर अंकित मानसिक तनाव में होता या आत्महत्या का कदम उठाने वाला होता, तो वह पैसे क्यों मांगता?
कानूनी कार्रवाई की तैयारी, पुलिस जांच जारी
परिजनों का मानना है कि अंकित का परिसर में किसी के साथ विवाद हुआ होगा, जिसके बाद उसे धक्का दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर जल्द ही औपचारिक पुलिस शिकायत दर्ज कराएंगे। फिलहाल पुलिस सभी एंगल से जांच आगे बढ़ा रही है ताकि यह साफ हो सके कि यह महज एक दर्दनाक हादसा था या किसी साजिश का नतीजा।














