
आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने पाकिस्तान के बहावलपुर में स्थित अपने प्रमुख ठिकाने मरकज सुभान अल्लाह का कथित तौर पर दोबारा निर्माण कर लिया है। यह वही ठिकाना है, जिसे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने निशाना बनाया था। भारतीय कार्रवाई में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था। अब इस प्रमुख ठिकाने के दोबारा तैयार किए जाने की खबर सामने आई है, जिससे आतंकी संगठन के फिर से सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं।
मरकज सुभान अल्लाह जैश-ए-मोहम्मद के महत्वपूर्ण ठिकानों में शामिल रहा है। दक्षिणी पंजाब प्रांत में स्थित बहावलपुर को लंबे समय से इस आतंकी संगठन का वैचारिक और ऑपरेशनल केंद्र माना जाता रहा है। एन-5 नेशनल हाईवे पर मौजूद जामिया सुभान अल्लाह कॉम्प्लेक्स की हाल में मरम्मत किए जाने की जानकारी सामने आई है।
2015 में शुरुआत के बाद से जामिया मस्जिद सुभान अल्लाह को जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख केंद्र के तौर पर इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आती रही है। यह स्थान संगठन के ऑपरेशनल हेडक्वार्टर के साथ-साथ प्रशिक्षण गतिविधियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर में बनाया गया था निशाना
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बहावलपुर जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख ठिकानों में से एक था। भारतीय सेना की सटीक कार्रवाई में यहां मौजूद ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था। हमले के बाद जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर ने दावा किया था कि इस कार्रवाई में उसके परिवार के 10 सदस्य और संगठन से जुड़े चार लोग मारे गए।
अजहर के एक बयान के मुताबिक, मारे गए लोगों में उसकी बड़ी बहन, उसका पति, एक भतीजा और उसकी पत्नी, एक भतीजी तथा उसके परिवार के पांच बच्चे शामिल थे। मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध कर रखा है। वह भारत में कई आतंकी हमलों के मामलों में वांछित है।
मसूद अजहर को 1994 में भारत में गिरफ्तार किया गया था और बाद में एयर इंडिया आईसी-814 विमान अपहरण मामले के बाद रिहा किया गया था। उसका नाम 2001 संसद हमले, 2016 पठानकोट हमले और 2019 पुलवामा हमले समेत कई आतंकी घटनाओं की साजिश से जोड़ा गया है। भारत ने उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया है।
पहलगाम हमले के बाद भारत ने किया था ऑपरेशन सिंदूर
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 6 और 7 मई की दरमियानी रात पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। भारत की ओर से इन ठिकानों पर सटीक हमले किए गए थे। सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कार्रवाई में बड़ी संख्या में आतंकियों के मारे जाने और घायल होने की बात कही गई थी।
दोबारा तैयार किया जा रहा मरकज सुभान अल्लाह
अब सामने आई जानकारी के मुताबिक, हमले में क्षतिग्रस्त हुए मरकज सुभान अल्लाह परिसर में दोबारा निर्माण और मरम्मत का काम किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, मस्जिद के जिन गुंबदों को हमले में भारी नुकसान पहुंचा था, वे अब दोबारा ठीक किए जा चुके हैं। नए गुंबदों का रंग गहरा दिखाई दे रहा है, जबकि हमले से पहले की तस्वीरों में इन पर हल्के रंग का पेंट नजर आता था।
सूत्रों के अनुसार, परिसर के ऊपरी हिस्से में क्षतिग्रस्त गुंबदों की मरम्मत पूरी होने के संकेत मिल रहे हैं। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि इस परिसर को दोबारा सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है। परिसर में पहले की तुलना में गतिविधियां बढ़ने की जानकारी भी सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए बहावलपुर स्थित परिसर के पुनर्निर्माण के लिए डिजिटल वॉलेट के माध्यम से कथित तौर पर फंड जुटाने का अभियान भी चलाया गया था।
हालिया जानकारी में मार्च और अप्रैल 2026 के बीच परिसर में निर्माण एवं मरम्मत गतिविधियां बढ़ने की बात सामने आई है। मई 2025 में भारतीय कार्रवाई के दौरान इमारत को व्यापक नुकसान पहुंचा था और उसका बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बावजूद अब परिसर को दोबारा तैयार किए जाने की खबर सामने आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ सकती है।












