UP में महिलाओं पर सियासत तेज: सपा का बड़ा दांव, ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ के तहत महिलाओं को हर साल मिलेंगे ₹40,000

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राज्य की ‘आधी आबादी’ यानी महिला वोटरों को अपने पाले में लाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के बीच वादों की होड़ मच गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘लोकनाट्य अहिल्याबाई योजना’ और 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए आजीवन मुफ्त बस सेवा के जवाब में अब समाजवादी पार्टी ने बहुत बड़ा चुनावी दांव खेला है।

सालाना ₹40,000 की वित्तीय मदद, हर साल होगी बढ़ोतरी

लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ का आधिकारिक ऐलान किया। डिंपल यादव ने घोषणा की कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो इस योजना के तहत महिलाओं को ₹40,000 प्रति वर्ष की आर्थिक सहायता दी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह राशि केवल 40 हजार रुपये तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि साल-दर-साल इसमें इजाफा भी किया जाएगा।

आर्थिक मदद के साथ मिलेंगे 5 प्रमुख स्तंभ: मोबाइल, लैपटॉप और पाठशाला

योजना के बहुआयामी स्वरूप की जानकारी देते हुए सांसद डिंपल यादव ने बताया कि इस योजना का मकसद सिर्फ नकद मदद देना नहीं, बल्कि महिलाओं को तकनीकी और सामाजिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। सपा सरकार बनने पर यह योजना 5 मुख्य स्तंभों पर काम करेगी— मोबाइल, लैपटॉप, पैसा, पाठशाला और प्रशिक्षण। उन्होंने कहा कि पार्टी के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले में ‘A’ का एक बड़ा अर्थ ‘आधी आबादी’ भी है।

बीजेपी और सपा के महिला केंद्रित वादों की तुलना

पार्टी प्रमुख योजना / चुनावी वादा मिलने वाले लाभ
समाजवादी पार्टी (SP) स्त्री सम्मान समृद्धि योजना ₹40,000 सालाना (प्रतिवर्ष वृद्धि), मोबाइल, लैपटॉप और कौशल प्रशिक्षण
भारतीय जनता पार्टी (BJP) फ्री बस सेवा एवं प्रस्तावित आर्थिक योजना बुजुर्ग महिलाओं को फ्री बस सफर, ₹50,000 की 4 किस्तों में मदद का मंथन

अखिलेश यादव ने महिला सुरक्षा और आरक्षण पर बीजेपी को घेरा

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखे हमले बोले। अखिलेश ने कहा, “जब संसद से महिला आरक्षण बिल पास हो चुका है, तो बीजेपी इसे तुरंत लागू क्यों नहीं कर रही? इसे आगामी चुनावों से ही प्रभावी किया जाना चाहिए।” इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर हाथरस जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार के कार्यकाल में बेटियां सबसे ज्यादा असुरक्षित महसूस कर रही हैं और सत्ताधारी दल के लिए ‘नारी वंदन’ महज एक चुनावी नारा बनकर रह गया है।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha