
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 137वें एपिसोड में भारतीय इतिहास और संस्कृति से जुड़ी एक अनूठी डिजिटल पहल का जिक्र किया। उन्होंने देशवासियों को ‘bharatrajya.com’ नामक वेबसाइट के बारे में जानकारी दी। इस वेबसाइट की मदद से लोग भारतीय इतिहास के अलग-अलग कालखंडों में यह जान सकते हैं कि देश के किस हिस्से पर उस समय किस राजा, राजवंश या शासक का शासन था।
इतिहास को समझने का आसान डिजिटल माध्यम
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि वेबसाइट को आम लोगों के लिए बेहद सरल तरीके से तैयार किया गया है। इसमें उपयोगकर्ता अपनी पसंद का वर्ष या ऐतिहासिक कालखंड चुनकर उस समय भारत के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद राजसत्ताओं के बारे में जानकारी हासिल कर सकता है।
वेबसाइट का इंटरैक्टिव स्वरूप भारतीय इतिहास के राजनीतिक और भौगोलिक विस्तार को समझने में मदद करता है। खास तौर पर विद्यार्थियों, इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों और शोधकर्ताओं के लिए यह प्लेटफॉर्म उपयोगी हो सकता है। अलग-अलग समय में बदलती राजनीतिक सीमाओं और विभिन्न राजवंशों के प्रभाव को डिजिटल माध्यम से समझना इस पहल की खासियत बताई जा रही है।
पीएम मोदी ने वेबसाइट के निर्माता से की बातचीत
‘मन की बात’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेबसाइट के निर्माता कृष्ण शेशाद्री से फोन पर बातचीत भी की। बातचीत के दौरान शेशाद्री ने इस डिजिटल पहल के पीछे की सोच के बारे में प्रधानमंत्री को जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि आम तौर पर स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली इतिहास की किताबों में कुछ प्रमुख राजाओं और बड़े साम्राज्यों पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है। जबकि भारतीय इतिहास इससे कहीं अधिक व्यापक और विविध रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों में कई क्षेत्रीय शासक, राजवंश, योद्धा और ऐतिहासिक व्यक्तित्व रहे हैं, जिनके योगदान के बारे में सीमित जानकारी लोगों तक पहुंच पाती है।
कृष्ण शेशाद्री के मुताबिक, इसी ऐतिहासिक विविधता को सामने लाने के उद्देश्य से वेबसाइट तैयार की गई है। इसका मकसद लोगों को भारत के अलग-अलग कालखंडों और क्षेत्रों के इतिहास से जोड़ना है।
अलग-अलग कालखंडों को एक नजर में समझने की कोशिश
भारत का इतिहास हजारों वर्षों में फैला हुआ है। इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में कई राजवंशों और शासकों का उदय हुआ और उनकी सीमाएं समय के साथ बदलती रहीं। ऐसे में किसी खास वर्ष में भारत के विभिन्न हिस्सों में कौन सी सत्ता मौजूद थी, इसे समझना आम पाठकों के लिए आसान नहीं होता।
‘bharatrajya.com’ इसी जटिलता को डिजिटल और इंटरैक्टिव तरीके से समझाने का प्रयास करता है। उपयोगकर्ता किसी विशेष समय को चुनकर उस दौर की राजनीतिक स्थिति को देखने का प्रयास कर सकता है। इससे इतिहास को केवल किताबों में पढ़ने के बजाय नक्शे और डिजिटल माध्यम से समझने का अवसर मिलता है।
युवाओं को इतिहास से जोड़ने की पहल
प्रधानमंत्री मोदी ने इस पहल का उल्लेख करते हुए भारतीय इतिहास और विरासत को नई तकनीक के जरिए लोगों तक पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए युवा पीढ़ी को देश के विभिन्न क्षेत्रों के इतिहास और वहां विकसित हुई राजसत्ताओं के बारे में जानने का अवसर मिल सकता है।
वेबसाइट के निर्माता का भी मानना है कि भारत की ऐतिहासिक विरासत केवल कुछ प्रसिद्ध साम्राज्यों तक सीमित नहीं है। देश के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थानीय शासकों और ऐतिहासिक नायकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे इतिहास को डिजिटल रूप में सामने लाने से लोगों की अपने अतीत को जानने में रुचि बढ़ सकती है।
इस पहल के जरिए भारतीय इतिहास को एक व्यापक नजरिए से देखने और अलग-अलग कालखंडों की राजनीतिक तस्वीर को समझने की कोशिश की गई है। प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में इसका उल्लेख होने के बाद इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ने की उम्मीद है।













