पेपर लीक आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, 5 राज्यों में छात्रों पर दर्ज 129 FIR रद्द; SC ने कहा- ‘अब ये मामले इतिहास हैं’

नई दिल्ली। पेपर लीक के खिलाफ हुए कॉकरोच आंदोलन के दौरान दिल्ली और चार राज्यों में छात्रों के खिलाफ दर्ज कुल 129 FIR रद्द कर दी गई हैं। मंगलवार, 1 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और संबंधित राज्य सरकारों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत इन मामलों को खत्म करने की अनुमति दी।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि इन मामलों को अब आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि रद्द की गई FIR के आधार पर छात्रों के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती।

दिल्ली में दर्ज हुई थीं 13 FIR

कॉकरोच आंदोलन के दौरान दिल्ली में प्रदर्शन कई जगहों पर हिंसक हो गया था। राजधानी में प्रदर्शन और उससे जुड़े मामलों को लेकर छात्रों के खिलाफ कुल 13 FIR दर्ज की गई थीं।

इसके अलावा बिहार में 69, महाराष्ट्र में 34, पश्चिम बंगाल में 8 और असम में 5 FIR दर्ज की गई थीं। इस तरह दिल्ली और चार राज्यों में दर्ज मामलों की कुल संख्या 129 रही।

सरकार ने आंदोलन खत्म होने पर किया था वादा

केंद्र सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सरकार ने 25 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी के साथ बातचीत के दौरान प्रदर्शन वापस लिए जाने की स्थिति में छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का आश्वासन दिया था।

मेहता ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली से जुड़े मामलों की सूची सरकार की ओर से प्रस्तुत की जा चुकी है। इसके बाद बिहार, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और असम की सरकारों ने भी अपने-अपने राज्यों में दर्ज मामलों को वापस लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल कीं।

राज्य सरकारों ने अदालत को बताया कि वे प्रदर्शन से संबंधित मामलों को आगे नहीं बढ़ाना चाहतीं।

अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट ने खत्म किए मामले

केंद्र और राज्यों की ओर से मामलों को वापस लेने की मांग के बाद सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल किया। यह प्रावधान सुप्रीम कोर्ट को किसी मामले में पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष आदेश जारी करने की शक्ति देता है।

CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि ये FIR अब ‘इतिहास’ हैं और इनके आधार पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हो सकती।

कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर प्रदर्शन से जुड़े मामले किसी अन्य राज्य में भी दर्ज हैं, तो वहां की जांच को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।

129 FIR में किस राज्य में कितने मामले?

  • दिल्ली: 13 FIR
  • बिहार: 69 FIR
  • महाराष्ट्र: 34 FIR
  • पश्चिम बंगाल: 8 FIR
  • असम: 5 FIR
  • कुल: 129 FIR

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