भारतीय वायुसेना करने जा रही युद्धाभ्यास, NOTAM जारी, घबराए पाकिस्तान ने बुलाई आपात बैठक

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना बड़े स्तर पर एक लंबे युद्धाभ्यास की तैयारी कर रही है। सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह अभ्यास करीब 17 दिनों तक चलेगा और 21 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा। इसके लिए संबंधित हवाई क्षेत्र को लेकर NOTAM (Notice to Airmen) जारी किया गया है। अभ्यास का क्षेत्र राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और जोधपुर सेक्टर तक फैला बताया जा रहा है।

इसके अलावा नाल और बीकानेर के आसपास के कुछ हवाई क्षेत्रों को भी निर्धारित अवधि के लिए रिजर्व किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस घटनाक्रम पर पाकिस्तान की नजर भी बनी हुई है। भारत के इस कदम से पाकिस्तान बुरी तरह से घबरा गया है। पाकिस्तान ने आपात बैठक बुलाई है और सीमा पर निगरानी को बढ़ा दिया है।

40 हजार फीट तक का हवाई क्षेत्र रिजर्व

जानकारी के अनुसार, युद्धाभ्यास के लिए जारी NOTAM में रिजर्व किया गया हवाई क्षेत्र करीब 40,000 फीट की ऊंचाई तक बताया गया है। जैसलमेर-बाड़मेर-फलोदी-जोधपुर सेक्टर में होने वाले इस अभ्यास में भारतीय वायुसेना की विभिन्न परिचालन क्षमताओं को परखा जा सकता है।

सीमा से नजदीकी के कारण राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में होने वाले इस बड़े सैन्य अभ्यास पर पाकिस्तान की भी नजर रहने की संभावना है। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने भारत-पाकिस्तान सीमा पर निगरानी बढ़ाई है और वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

तरंग शक्ति 2026 से जुड़ सकता है अभ्यास

भारतीय वायुसेना का यह अभ्यास तरंग शक्ति 2026 से भी जुड़ा हो सकता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 26 सितंबर से 12 अक्टूबर के बीच जोधपुर में तरंग शक्ति 2026 आयोजित किए जाने की संभावना है।

तरंग शक्ति भारतीय वायुसेना का बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यास है, जिसमें अलग-अलग देशों की वायु सेनाएं हिस्सा लेती हैं और संयुक्त हवाई अभियानों तथा युद्धाभ्यास के जरिए अपनी परिचालन क्षमताओं का परीक्षण करती हैं। ऐसे में 21 सितंबर से शुरू होने वाले अभ्यास और तरंग शक्ति की तारीखों में संभावित ओवरलैप को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्या है भारतीय वायुसेना के अभ्यास का मकसद?

ऐसे सैन्य अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य वास्तविक परिस्थितियों के करीब प्रशिक्षण हासिल करना और ऑपरेशनल तैयारियों को परखना होता है। अभ्यास के दौरान वायुसेना की ऑपरेशनल प्रक्रियाओं, आपसी तालमेल, तैनाती की रणनीति, विमानों और सैन्यकर्मियों की तैयारी का आकलन किया जाता है।

इस दौरान लड़ाकू विमानों समेत अन्य सैन्य विमानों की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। अभ्यास में अलग-अलग परिस्थितियों में अभियानों को अंजाम देने, तेजी से तैनाती करने और विभिन्न यूनिट्स के बीच समन्वय की क्षमता को भी परखा जा सकता है।

भारतीय वायुसेना समय-समय पर ऐसे अभ्यास करती रही है। इनका उद्देश्य सैन्य तैयारियों को मजबूत करना और किसी भी संभावित चुनौती के लिए बलों को तैयार रखना होता है।

NOTAM क्या होता है और क्यों जारी किया जाता है?

NOTAM यानी Notice to Airmen विमानन क्षेत्र से जुड़ी एक आधिकारिक सूचना होती है। इसके जरिए पायलटों और विमानन एजेंसियों को किसी हवाई क्षेत्र में अस्थायी बदलाव, प्रतिबंध या विशेष गतिविधि की जानकारी दी जाती है।

सैन्य युद्धाभ्यास, मिसाइल परीक्षण, रॉकेट लॉन्च या अन्य रणनीतिक गतिविधियों के दौरान किसी विशेष हवाई क्षेत्र को निर्धारित समय के लिए रिजर्व या प्रतिबंधित किया जा सकता है। इसका उद्देश्य उस क्षेत्र में उड़ान भरने वाले नागरिक और सैन्य विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।

इसलिए किसी सैन्य अभ्यास के लिए NOTAM जारी होना अपने आप में असामान्य बात नहीं है। हालांकि, पश्चिमी राजस्थान जैसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र में लंबे समय तक चलने वाले बड़े हवाई अभ्यास के कारण इस पर पड़ोसी देशों की नजर रहना स्वाभाविक है।

खबरें और भी हैं...

Leave a Comment

Are you human? Please solve:Captcha