
नई दिल्ली: निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले के मामले में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया है। पुलिस उसे बुलंदशहर के चोला थाने लेकर गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई उस वीडियो के वायरल होने के बाद हुई, जिसमें भारद्वाज ने कथित तौर पर संजय कुमार पर हमले का जिक्र किया था।
मामले को लेकर दिल्ली में राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के नेताओं ने भी पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बनाया था। CJP, कांग्रेस की छात्र इकाई और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) से जुड़े नेता और कार्यकर्ता संसद मार्ग थाने पहुंचे थे। इनमें CJP से आशुतोष रांका और सौरव दास, कांग्रेस की छात्र इकाई से विनोद जाखड़ और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद शामिल थे।
पुलिस अधिकारियों से करीब दो घंटे हुई बातचीत
नेताओं और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के बीच करीब दो घंटे तक बातचीत हुई। बातचीत के बाद बताया गया कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ SC-ST Act के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। वहीं संजय कुमार का दोबारा मेडिकल कराने की बात कही गई।
बताया गया कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मामले में हत्या के प्रयास यानी Attempt to Murder से जुड़ी धारा जोड़ने पर फैसला लिया जाएगा। पुलिस की ओर से 72 घंटे के भीतर आरोपी की गिरफ्तारी की बात भी कही गई थी। इसके बाद शुक्रवार को भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई।
अभिजीत दीपके और सौरव दास ने क्या कहा?
मामले में कार्रवाई के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और उसे 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने की बात कही गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस के सामने हुए कथित हेट क्राइम में FIR दर्ज कराने में करीब दो महीने और विरोध प्रदर्शन का समय लग गया।
वहीं सौरव दास ने पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग करते हुए कहा था कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो शाम को दोबारा संसद मार्ग थाने का घेराव किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, CJP के आंदोलन के शुरुआती दौर में 23 जून को संजय कुमार घायल हुए थे। उनकी बेटी निशु आजाद का आरोप है कि उनके पिता के साथ हुई घटना को लेकर FIR दर्ज कराई गई थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। निशु ने यह भी आरोप लगाया था कि मामले में जानबूझकर हल्की धाराएं लगाई गईं।
इसके बाद 3 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में भारद्वाज कथित तौर पर संजय कुमार पर हमला करने, उन्हें गंभीर चोट लगने और उनके सिर पर 60 टांके आने जैसी बातें करता नजर आया। वीडियो में उसने जेल से बाहर आने को लेकर भी दावा किया। वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया और CJP समेत कई नेताओं ने पुलिस कार्रवाई की मांग की।
वीडियो वायरल होने के बाद निशु आजाद ने भी सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि उन्हें अब तक न्याय नहीं मिला है और उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से न्याय की उम्मीद जताई।
स्वतंत्र भारद्वाज ने क्या सफाई दी?
मामला तूल पकड़ने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने पत्रकारों से बातचीत में संजय कुमार पर हमला करने की बात स्वीकार करते हुए दावा किया कि उसने सेल्फ डिफेंस में ऐसा किया था।
कपिल मिश्रा और चिराग पासवान का नाम लेने से जुड़े सवाल पर भारद्वाज ने कथित तौर पर कहा कि उसने यह बात मजाक में कही थी। उसने यह भी दावा किया कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू में भारद्वाज ने राहुल गांधी और चंद्रशेखर आजाद का नाम लेते हुए भी टिप्पणी की थी। हालांकि, उसके इन दावों और बयानों की जांच पुलिस की पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के दौरान होगी।
फिलहाल दिल्ली पुलिस स्वतंत्र भारद्वाज से पूछताछ कर रही है और मामले में मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जानी है।











