शादी की खुशियां मातम में बदलीं: किंशासा में शादी समारोह के दौरान भीषण आग, 22 लोगों की मौत

किंशासा। कांगो की राजधानी किंशासा में शादी समारोह के दौरान हुए भीषण अग्निकांड ने खुशियों के माहौल को मातम में बदल दिया। लिंगवाला इलाके में एक इमारत में शुक्रवार रात अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

संकरे गलियारों ने बढ़ाई मुश्किल

यह हादसा किंशासा के उत्तरी हिस्से में स्थित लिंगवाला इलाके में हुआ। जिस इमारत में शादी समारोह चल रहा था, वहां आग लगने के बाद बड़ी संख्या में लोग बाहर निकलने की कोशिश करने लगे। हालांकि, इमारत के संकरे गलियारों के कारण लोगों को बाहर निकलने में काफी परेशानी हुई। आग और धुएं के बीच कई लोग रास्ते में फंस गए। बताया जा रहा है कि कुछ लोग समय रहते बाहर नहीं निकल सके और आग की चपेट में आ गए। इस वजह से हादसा और भी भयावह हो गया।

लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाव की कोशिश की

आग लगने के बाद समारोह में मौजूद लोगों और आसपास के लोगों ने फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की। कई लोगों को किसी तरह इमारत से बाहर निकाला गया और सड़क किनारे लिटाया गया। बचाव के दौरान कुछ लोगों की हालत बेहद गंभीर थी। इनमें से कुछ को बचाया नहीं जा सका। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और शादी समारोह का पूरा माहौल गम में बदल गया।

शनिवार सुबह तक धधकती रही आग

लिंगवाला के मेयर नॉर्बर्ट मुशिंगा ने कांगो प्रेस एजेंसी को बताया कि हादसे में अब तक 22 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव अभियान के दौरान मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है। अधिकारियों के मुताबिक, आग शुक्रवार रात शुरू हुई और शनिवार सुबह तक इमारत में आग की लपटें उठती रहीं। आग लगने के वास्तविक कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है। मामले की जांच की जा रही है।

गृह मंत्री ने घटनास्थल का दौरा किया

कांगो के उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जैक्वेमिन शाबानी ने हादसे को बेहद दुखद त्रासदी बताया। उन्होंने शनिवार सुबह घटनास्थल का दौरा किया और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। अधिकारियों की ओर से आग लगने की वजह और सुरक्षा इंतजामों से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि इमारत में आपात स्थिति से बाहर निकलने के पर्याप्त रास्ते और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी या नहीं।

किंशासा में आग की घटनाएं बनीं चिंता

किंशासा के घनी आबादी वाले इलाकों में आग लगने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, शुष्क मौसम के दौरान ऐसे हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। इस ताजा हादसे ने एक बार फिर भीड़भाड़ वाली इमारतों में अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ऐसे भवनों में जहां बड़ी संख्या में लोग एक साथ मौजूद रहते हैं, वहां पर्याप्त निकास द्वार, अग्निशमन उपकरण और सुरक्षित गलियारों की व्यवस्था बेहद जरूरी मानी जाती है। फिलहाल प्रशासन हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग कैसे लगी और इतनी तेजी से पूरे भवन में कैसे फैल गई।

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