
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता के पिता पर कथित हमले समेत अन्य आरोपों का सामना कर रहे स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी है। अदालत ने सोमवार को हुई सुनवाई के बाद उनकी जमानत याचिका पर आदेश के लिए 15 सितंबर की तारीख तय की थी।
स्वतंत्र भारद्वाज को इस मामले में 4 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एक अन्य प्राथमिकी दर्ज किए जाने की बात भी सामने आई थी। इसके बाद 7 सितंबर को अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज के वकील ने उनकी गिरफ्तारी को लेकर कई दलीलें दीं। बचाव पक्ष ने दावा किया कि गिरफ्तारी कुछ राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद की गई।
वकील के मुताबिक, स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ 23 जून को FIR दर्ज की गई थी। इसके बाद पुलिस ने 27 जून को पूछताछ के लिए पेश होने का नोटिस जारी किया था। स्वतंत्र भारद्वाज 29 जून को पूछताछ के लिए पुलिस के सामने पेश हुए थे। पूछताछ के बाद उन्हें जाने दिया गया था।
बचाव पक्ष का कहना है कि इसके बाद कुछ राजनीतिक घटनाक्रम हुए और करीब दो महीने बाद 4 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार कर लिया गया।
शिकायतकर्ता पर भी लगाया हमला करने का आरोप
स्वतंत्र भारद्वाज के वकील ने अदालत में दावा किया कि जिस व्यक्ति की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है, उसी ने जून में CJP के प्रदर्शन के दौरान स्वतंत्र भारद्वाज पर हमला किया था।
बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि शुरुआती शिकायत और बाद में दर्ज किए गए बयान में कुछ अंतर है। हालांकि, इन दावों की वास्तविकता जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
जातिसूचक गाली के आरोप पर कोर्ट का सवाल
सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि घटना के दौरान क्या स्वतंत्र भारद्वाज ने जातिसूचक गाली दी थी।
दिल्ली पुलिस की ओर से अदालत को बताया गया कि शुरुआती शिकायत में जातिसूचक गाली देने का कोई उल्लेख नहीं था। पुलिस के मुताबिक, बाद में दोबारा बयान दर्ज किए जाने के दौरान जातिसूचक गाली देने की बात सामने आई।
पुलिस ने अदालत को बताया कि इसी आधार पर मामले में एससी/एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ी गई थीं।
7 सितंबर को भेजे गए थे न्यायिक हिरासत में
गिरफ्तारी के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को 7 सितंबर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। अब पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत देकर राहत दी है।
मामले में स्वतंत्र भारद्वाज पर लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। अदालत में बचाव पक्ष और पुलिस की ओर से रखी गई दलीलों के आधार पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत के फैसले के बाद ही होगी।














