
सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में सितंबर की शुरुआत से हूती विद्रोहियों के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। अबहा, खमिस मुशैत, जाजान, नजरान और ताइफ जैसे प्रमुख शहर लगातार सुरक्षा अलर्ट पर हैं। बीते 15 सितंबर को खमिस मुशैत, अबहा और ताइफ में हुए हमलों में 13 नागरिक घायल हुए। इन हमलों ने वहां रह रहे भारतीय प्रवासियों और उनके परिजनों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विदेश मंत्रालय (मार्च 2026) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, सऊदी अरब में करीब 27.48 लाख भारतीय निवास करते हैं।
संघर्ष प्रभावित दक्षिण-पश्चिमी इलाकों में भी मौजूद हैं भारतीय
हूती हमलों की जद में आए असिर, जिजान और नजरान प्रांतों में भारतीय नागरिकों की अच्छी-खासी आबादी है। ये सभी क्षेत्र जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के कांसुलर अधिकार क्षेत्र में आते हैं। यद्यपि भारत सरकार ने सुरक्षा और कांसुलर कारणों से अबहा, खमिस मुशैत या जाजान जैसे शहरों का सटीक शहरवार आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया है, लेकिन इन अशांत सीमावर्ती क्षेत्रों में हजारों भारतीय कामगार और पेशेवर मौजूद हैं।
किन-किन शहरों में फैला है भारतीय समुदाय?
भारतीय प्रवासी पूरे सऊदी अरब में फैले हुए हैं। राजधानी रियाद और तटीय शहर जेद्दा भारतीय समुदाय के मुख्य केंद्र हैं। इसके अतिरिक्त दम्माम, अल-खोबर, जुबैल, मक्का, मदीना, ताइफ, अबहा, खमिस मुशैत, जाजान और नजरान में भारतीयों की बड़ी आबादी निवास करती है। पूरे देश में प्रवासियों को सुरक्षा और प्रशासनिक सहायता देने के लिए रियाद दूतावास और जेद्दा वाणिज्य दूतावास लगातार सक्रिय हैं।
निर्माण श्रमिकों से लेकर आईटी-फार्मा तक भारतीयों का दबदबा
सऊदी अर्थव्यवस्था में भारतीय कार्यबल की भूमिका बेहद अहम है। एक तरफ जहां बड़ी संख्या में भारतीय निर्माण, प्लंबिंग, वेल्डिंग, ड्राइविंग और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में कार्यरत हैं, वहीं दूसरी तरफ डॉक्टर, नर्स, इंजीनियर, मैनेजर और आईटी प्रोफेशनल्स के रूप में भी सेवा दे रहे हैं। वर्तमान में सऊदी अरब में 6,000 से अधिक भारतीय कंपनियां पंजीकृत हैं, जो कंस्ट्रक्शन, टेलीकॉम, आईटी, वित्तीय सेवाओं और फार्मास्यूटिकल्स जैसे बड़े क्षेत्रों में मजबूती से पैर जमाए हुए हैं।















