
लखीमपुर खीरी। शारदानगर थाना क्षेत्र की सिंचाई विभाग कॉलोनी में नवविवाहिता मानसी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मुकदमे में नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुए सात दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा किसी की गिरफ्तारी न किए जाने से परिजनों का गुस्सा भड़क उठा है। मृतका के मायके वालों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) और सीओ सिटी के समक्ष पेश होकर निष्पक्ष जांच और नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग उठाई है।
शादी के छह महीने बाद फंदे से लटका मिला था शव
शारदानगर सिंचाई विभाग कॉलोनी निवासी अयोध्या प्रसाद के बेटे सुधीर (जो गोंडा जिले में पुलिस कांस्टेबल के पद पर तैनात है) की शादी इसी साल मार्च में अशोगापुर निवासी सुरेश कुमार की बेटी मानसी के साथ हुई थी। शादी के महज छह माह बाद ही 9 सितंबर की सुबह मानसी का शव कमरे में संदिग्ध हालत में फंदे से लटका मिला। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि मायके पक्ष का आरोप है कि दहेज की मांग पूरी न होने पर मानसी की हत्या कर शव को फंदे पर लटका दिया गया।
पति कांस्टेबल समेत 7 लोगों पर दर्ज है दहेज हत्या का मुकदमा
घटना के बाद पुलिस ने पिता सुरेश कुमार की तहरीर के आधार पर सिपाही पति सुधीर, ससुर अयोध्या प्रसाद, सास मधुराना, ननद तनु, मनु व आरती तथा देवर पुनीत के खिलाफ दहेज हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था।
‘पति के पुलिस में होने से प्रभावित हो रही जांच’: परिजनों का गंभीर आरोप
पिता सुरेश कुमार का आरोप है कि पति के पुलिस विभाग में कार्यरत होने के कारण स्थानीय पुलिस जांच में ढिलाई बरत रही है और आरोपी बेखौफ घूम रहे हैं। इतना ही नहीं, बिचौलियों के माध्यम से परिवार पर केस वापस लेने और समझौते का दबाव भी बनाया जा रहा है। परिजनों ने एसपी से न्याय की गुहार लगाते हुए निष्पक्ष विवेचना और सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस प्रशासन का पक्ष: एसपी के निर्देशन में जारी है जांच
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शारदानगर थाना प्रभारी बृजमोहन सैनी ने बताया कि पूरे प्रकरण की विवेचना वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अत्यंत निष्पक्षता के साथ की जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जांच में जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।











