
जापान में आयोजित हो रहे एशियन गेम्स 2026 में एशिया के 45 देशों के लगभग 11 हजार एथलीट भाग ले रहे हैं। इस महाकुंभ में भारत का करीब 500 सदस्यीय दल भी अलग-अलग खेलों में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहा है। क्रिकेट स्पर्धा में भारत की पुरुष और महिला टीमों से एक बार फिर स्वर्ण पदक जीतने की प्रबल उम्मीदें हैं। हालांकि, इन मुकाबलों के बीच एक बार फिर भारत बनाम एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से जुड़ा बड़ा विवाद गहराने के आसार नजर आ रहे हैं। खेल प्रेमियों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि भारतीय टीम चैंपियन बनती है, तो क्या वह मोहसिन नकवी के हाथों से मेडल स्वीकार करेगी?
एशिया कप ट्रॉफी विवाद की पृष्ठभूमि और नकवी से तनातनी
गौरतलब है कि सितंबर 2025 में जब भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने एशिया कप का खिताब अपने नाम किया था, तब टीम ने ACC के अध्यक्ष मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से साफ इनकार कर दिया था। इसके बाद वह ट्रॉफी ACC के दफ्तर भेज दी गई थी। ठीक यही स्थिति इस महीने तब दोहराई गई, जब भारतीय महिला टीम ने एशिया कप जीता और नकवी खुद ट्रॉफी देने पर अड़े रहे। भारतीय महिला खिलाड़ियों ने भी ट्रॉफी स्वीकार करने से मना कर दिया और वह ट्रॉफी भी ACC कार्यालय लौट गई। अब एशियन गेम्स में क्रिकेट का आयोजन भी ACC की देखरेख में हो रहा है, जिससे मेडल सेरेमनी के दौरान नकवी की उपस्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है।
BCCI सचिव देवजित सैकिया का बयान और OCA का मेडल नियम
इस संवेदनशील मुद्दे पर जब BCCI सचिव देवजित सैकिया से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कोई सीधा जवाब देने के बजाय कहा कि फिलहाल बोर्ड और खिलाड़ियों का पूरा ध्यान पोडियम तक पहुंचने और पदक जीतने पर है। सैकिया ने स्पष्ट किया कि जब तक ऐसी स्थिति सामने नहीं आती, तब तक इस पर टिप्पणी करना सही नहीं होगा और समय आने पर ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
आमतौर पर एशियन गेम्स में पदक वितरण का मुख्य अधिकार ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अध्यक्ष के पास होता है। हालांकि, OCA अध्यक्ष यह जिम्मेदारी संबंधित खेल की एशियन या इंटरनेशनल फेडरेशन के प्रमुखों को सौंप सकते हैं। क्रिकेट के मामले में यदि यह जिम्मेदारी नकवी को मिलती है, तो स्थिति काफी जटिल हो सकती है। हालांकि, यदि OCA यह जिम्मेदारी ICC चेयरमैन जय शाह या किसी अन्य स्वतंत्र अधिकारी को सौंपता है, तो विवाद टल सकता है।
मेडल से इनकार करना नहीं होगा आसान: सरिता देवी मामले से सबक
एशियन गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक विरोध या मेडल लेने से इनकार करना ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के कड़े नियमों का उल्लंघन माना जाता है। वर्ष 2014 के एशियन गेम्स में भारतीय मुक्केबाज सरिता देवी ने अनुचित रेफरी निर्णय के विरोध में अपना कांस्य पदक लेने से इनकार कर दिया था, जिसके चलते उन पर एक वर्ष का अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध लगा दिया गया था। ऐसे में यदि भारतीय क्रिकेट टीम पदक लेने से इनकार करती है, तो खिलाड़ियों और बोर्ड पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का खतरा मंडरा सकता है।














