
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बांसगांव थाना क्षेत्र में हुए चर्चित कार्तिकेश उर्फ शुभम हत्याकांड का पुलिस ने त्वरित खुलासा कर दिया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतक के चचेरे भाई संतोष मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी को अपनी पत्नी और चचेरे भाई कार्तिकेश के बीच अवैध संबंध होने का गहरा शक था. इसी रंजिश और शक के चलते उसने 17 सितंबर को कार्तिकेश के सिर पर लोहे के बांके (दाव) से ताबड़तोड़ वार कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी.
50 से अधिक सीसीटीवी और 300 मोबाइल नंबर खंगाले वारदात की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने मामले के अनावरण के लिए आठ विशेष टीमें गठित की थीं, जिनमें बांसगांव थाना पुलिस के अलावा एसओजी (SOG), एंटी थेफ्ट, स्वाट (SWAT) और सर्विलांस टीम को लगाया गया था. तफ्तीश के दौरान पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की सघन जांच की. इसके साथ ही करीब 300 मोबाइल नंबरों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) का तकनीकी विश्लेषण किया गया. सर्विलांस और मैनुअल इंटेलिजेंस से मिले सटीक इनपुट के आधार पर जब पुलिस ने संदिग्धों की पड़ताल शुरू की, तो चचेरे भाई संतोष मिश्रा का नाम मुख्य संदिग्ध के रूप में सामने आया.
अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुई थी FIR, कड़ाई से पूछताछ में उगला राज कार्तिकेश की हत्या के बाद 17 सितंबर को ही उसके चचेरे भाई ने बांसगांव थाने में अज्ञात हमलावर के खिलाफ तहरीर दी थी, जिसके आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी. पुलिस ने जब संतोष मिश्रा को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया. आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल लोहे का बांका (दाव), घटना के वक्त पहनी गई खून से सनी बनियान और उसका मोबाइल फोन बरामद कर लिया है. पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है.










