
KGMU News : लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में नर्सिंग छात्रों का प्रदर्शन मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। नर्सिंग कॉलेज कैंपस में करीब 300 छात्र धरने पर बैठे हैं। सोमवार सुबह करीब 9 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन रातभर चला। कई छात्र पूरी रात धरना स्थल पर मौजूद रहे।
दरअसल, 2025 बैच की नर्सिंग छात्रा दिव्यांशी की डेंगू से मौत के बाद छात्रों ने सोमवार से प्रदर्शन शुरू किया था। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पहले प्रिंसिपल के इस्तीफे की मांग की थी। अब छात्रों की मांग है कि प्रिंसिपल के बाद डीन भी अपने पद से इस्तीफा दें।
छात्रों का कहना है कि जब तक डीन का इस्तीफा नहीं होता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है।
मेडिकल लीव और काम के दबाव का मुद्दा
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि नर्सिंग छात्रों को मेडिकल लीव की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है। उनका कहना है कि वे खुद मेडिकल प्रोफेशन का हिस्सा हैं और लगातार काम करने के दौरान बीमार पड़ना या मेडिकल इमरजेंसी होना स्वाभाविक है।
छात्रों का कहना है कि अगर उन्हें सालभर बिना पर्याप्त छुट्टी और मेडिकल लीव के काम करने के लिए बुलाया जाएगा, तो वे मरीजों की बेहतर देखभाल कैसे कर पाएंगे। छात्रों ने मेडिकल लीव की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
हॉस्टल में सफाई और पानी को लेकर भी शिकायत
छात्रों ने हॉस्टल की साफ-सफाई और सैनिटेशन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि हॉस्टल और मेस के आसपास कई जगह पानी जमा रहता है, जिससे मच्छरों के पनपने की आशंका बनी रहती है। छात्रों का दावा है कि कुछ स्थानों पर मच्छरों के लार्वा भी दिखाई देते हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने मेस के खाने और पानी की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि गंदगी और खराब स्वच्छता व्यवस्था के कारण संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
छात्रों के मुताबिक, कई जगह कूड़ा जमा रहता है और डस्टबिन भी ओवरफ्लो होते हैं। उनका आरोप है कि नियमित रूप से सफाई नहीं होती और कई बार सफाई कर्मचारी लंबे अंतराल के बाद आते हैं। छात्रों का कहना है कि प्रदर्शन शुरू होने के बाद पेस्ट कंट्रोल की गतिविधियां तेज हुई हैं, लेकिन वे इसे लेकर भी सवाल उठा रहे हैं।
रातभर धरने पर बैठे छात्र
प्रदर्शनकारी छात्रों के मुताबिक, सोमवार रात करीब 200 से 250 छात्र धरना स्थल पर मौजूद रहे। छात्रों ने आरोप लगाया कि रात के दौरान उनकी बुनियादी जरूरतों का पर्याप्त इंतजाम नहीं किया गया।
छात्रों का कहना है कि धरना स्थल पर मौजूद छात्राओं के लिए पानी, वॉशरूम और टॉयलेट जैसी सुविधाओं की व्यवस्था भी उन्हें खुद करनी पड़ी। छात्रों के मुताबिक, उन्होंने आपस में पैसे जुटाकर खाने का इंतजाम किया।
कुछ छात्रों ने बताया कि रातभर प्रदर्शन के बाद सुबह करीब 6 बजे छात्रों ने शिफ्ट में धरना जारी रखने का फैसला किया। करीब 50-50 प्रतिशत छात्रों के समूह बनाए गए हैं, ताकि कुछ छात्र आराम कर सकें और बाकी धरना स्थल पर मौजूद रहें।
VC से बातचीत की मांग
छात्रों ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर विश्वविद्यालय की कुलपति से बातचीत करना चाहते हैं। इसके लिए नर्सिंग स्टूडेंट कमेटी बनाई गई है। कमेटी के सदस्य कुलपति से मुलाकात कर अपनी मांगें रखने की तैयारी में हैं।
छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। फिलहाल KGMU प्रशासन की ओर से छात्रों की मांगों और लगाए गए आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।











