मेरठ के चर्चित ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड में आज फैसले की घड़ी: साहिल और मुस्कान की किस्मत का फैसला करेंगे जिला जज, 545 दिन बाद इंसाफ की आस

मेरठ। पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड यानी ‘नीला ड्रम’ कांड में आज फैसले का दिन है। लगभग 545 दिनों के लंबे इंतजार, 126 तारीखों की सुनवाई और 22 से अधिक गवाहों के बयानों के दर्ज होने के बाद जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा अपना अंतिम फैसला सुनाएंगे। सौरभ की हत्या के आरोपी उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसका प्रेमी साहिल शुक्ला आज कोर्ट में पेश होंगे। अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के क्रूर कृत्य को देखते हुए अदालत से फांसी की सजा देने की मांग की है।

क्या था खौफनाक ‘नीला ड्रम’ हत्याकांड?

घटना 3 मार्च 2025 की है, जब लंदन से लौटे सौरभ राजपूत की उसके ही घर में बेहद बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। आरोपी पत्नी मुस्कान ने सुनियोजित साजिश के तहत सौरभ के खाने में नींद की दवा मिला दी और बेडरूम में अचेत होने पर अपने प्रेमी साहिल को घर बुला लिया। दोनों ने मिलकर सौरभ की हत्या की और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को टुकड़ों में काट दिया। इसके बाद शव को एक बड़े नीले प्लास्टिक के ड्रम में रखकर सीमेंट और बालू से पूरी तरह जमा दिया ताकि दुर्गंध बाहर न आ सके।

कोर्ट में 22 गवाहों की गवाही ने खोली साजिश की परतें

ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए, जिन्होंने घटना की भयावहता और सुनियोजित साजिश की पुष्टि की:

  • दुकानदारों की गवाही: दुकानदारों ने कोर्ट में स्वीकार किया कि आरोपियों ने हत्या से पहले चाकू, उस्तरा, 1 बोरी बालू, 2 बोरी सीमेंट और बड़ा नीला ड्रम खरीदा था।

  • परिजनों के बयान: सौरभ के भाई और मां ने कोर्ट को बताया कि शादी के बाद से ही मुस्कान का रवैया खराब था और वह सौरभ के लंदन जाने के बाद भी प्रेमी साहिल से लगातार मिलती थी।

  • डॉक्टर और फॉरेंसिक सबूत: डॉक्टर ने बताया कि सौरभ के पर्चे में कोई नशीली दवा नहीं लिखी गई थी, फिर भी उसकी बॉडी में नशीला पदार्थ पाया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, शरीर पर धारदार हथियार से वार के निशान थे और शव 3-4 टुकड़ों में कटा हुआ था।

  • कैब ड्राइवर और होटल मैनेजर: शिमला के होटल मैनेजर ने पुष्टि की कि दोनों ने वहां खुद को पति-पत्नी बताकर कमरा लिया था। कैब ड्राइवर अजब सिंह ने बताया कि हत्या के बाद दोनों 13 दिनों तक शिमला-मनाली में बेफिक्र घूमते रहे।

3 मार्च से 19 मार्च तक की पूरी टाइमलाइन

  • 24 फरवरी 2025: सौरभ लंदन से लौटकर मेरठ स्थित अपने घर आए।

  • 3 मार्च: मुस्कान ने खाने में नशीली दवा मिलाकर सौरभ को बेहोश किया और साहिल के साथ मिलकर हत्या कर दी।

  • 4 मार्च: आरोपियों ने नीले ड्रम में सीमेंट भरकर शव छिपाया, बच्ची को नानी के घर छोड़ा और शिमला फरार हो गए।

  • 17 मार्च: शिमला से लौटने के बाद मुस्कान ने अपने परिजनों को घटना बताई, जिसके बाद पुलिस को सूचना मिली।

  • 18 मार्च: पुलिस ने घर से सीमेंट से जमा नीला ड्रम बरामद किया, ड्रम काटने पर सौरभ की क्षत-विक्षत लाश मिली और मुस्कान की गिरफ्तारी हुई।

  • 19 मार्च: पुलिस ने साहिल को गिरफ्तार कर दोनों को जेल भेज दिया।

आज पूरे शहर और पीड़ित परिवार की निगाहें जिला जज के फैसले पर टिकी हैं कि क्या मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा मिलेगी या उम्रकैद।

 

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