CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने मामले में जांच के आदेश, मलेशियाई इंजीनियर की मौत से जुड़ा है मामला

तिरुवनंतपुरम। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ केरल सरकार ने 2006 के एक पुराने मामले में विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला उस समय का है, जब ज्ञानेश कुमार केरल लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव थे। जांच के दायरे में केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) के तहत सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं और परियोजना से जुड़े एक मलेशियाई इंजीनियर की आत्महत्या से जुड़े आरोप हैं।

केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने कांग्रेस नेता मलयिनकीझु वेणुगोपाल की शिकायत के बाद मामले में जांच के निर्देश दिए। वेणुगोपाल ने 2 अक्टूबर को शिकायत देकर 2006 में शुरू हुई विजिलेंस जांच को दोबारा शुरू करने और उस दौरान सामने आए आरोपों की नए सिरे से जांच की मांग की थी। गृह मंत्री ने शिकायत की समीक्षा के बाद आरोपों में प्रथम दृष्टया आधार होने की बात कही है।

विजिलेंस को प्रारंभिक जांच के निर्देश

केरल गृह विभाग ने विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (VACB) को मामले की प्रारंभिक जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। गृह मंत्री चेन्निथला के मुताबिक, उन्होंने मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन से इस मामले पर चर्चा करने के बाद विजिलेंस निदेशक मनोज अब्राहम को कानूनी प्रक्रिया के तहत आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

यह मामला ऐसे समय में फिर सामने आया है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर देशभर में राजनीतिक विवाद चल रहा है। कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उनकी भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, केरल में शुरू की गई यह जांच 2006 में उनके PWD सचिव रहने के दौरान के आरोपों से संबंधित है।

क्या है 2006 का मामला?

मामला केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) के तहत एमसी रोड के अपग्रेडेशन से जुड़ा है। वर्ष 2006 में विश्व बैंक की फंडिंग से करीब 215 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत अंगमाली से तिरुवनंतपुरम तक सड़क के पुनर्निर्माण और उन्नयन का काम कराया जा रहा था। इस परियोजना से PATI-BEL नाम का एक संयुक्त उपक्रम जुड़ा था, जिसमें एक मलेशियाई कंपनी और भागीरथ इंजीनियरिंग शामिल थी।

इसी परियोजना से जुड़े मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली सी बीन की 2006 में आत्महत्या हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, उनकी आत्महत्या से जुड़े दस्तावेजों में कथित तौर पर ज्ञानेश कुमार का नाम सामने आया था। इसके बाद उस समय विजिलेंस जांच शुरू हुई थी। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि शुरुआती जांच को पर्याप्त तरीके से आगे नहीं बढ़ाया गया और बाद में मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

कांग्रेस नेता ने लगाए कई आरोप

कांग्रेस नेता मलयिनकीझु वेणुगोपाल ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि ज्ञानेश कुमार के PWD सचिव रहने के दौरान परियोजना में कथित तौर पर अनियमितताएं हुई थीं। उन्होंने पुराने विजिलेंस मामले को दोबारा खोलने और इंजीनियर की मौत से जुड़े आरोपों की भी जांच की मांग की है।

वेणुगोपाल का दावा है कि उस समय शुरू हुई जांच में कथित तौर पर गंभीर आरोपों की पर्याप्त जांच नहीं हुई थी। उन्होंने इसे दोबारा जांच के लिए सामने लाने की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और इन आरोपों का स्वतंत्र रूप से प्रमाणित होना बाकी है।

केरल सरकार द्वारा अब विजिलेंस जांच के आदेश दिए जाने के बाद करीब दो दशक पुराने इस मामले से जुड़े रिकॉर्ड और आरोपों की दोबारा पड़ताल की जाएगी। जांच के निष्कर्ष के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि पुराने आरोपों में आगे कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार है या नहीं।

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