
नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर और राजधानी के बाहर जुलाई 2026 में हुई हिंसा से जुड़े मामलों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित उच्चाधिकार प्राप्त जांच समिति (HPEC) ने एक आधिकारिक पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से हिंसा से प्रभावित लोग, पुलिसकर्मी और अन्य संबंधित पक्ष अपनी शिकायतें, प्रतिवेदन और महत्वपूर्ण जानकारियां समिति तक पहुंचा सकेंगे।
समिति का उद्देश्य हिंसा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच करना और संबंधित पक्षों से जरूरी जानकारी जुटाना है। इसके लिए शिकायतकर्ताओं को ऑनलाइन पोर्टल के अलावा ईमेल, डाक और व्यक्तिगत रूप से दस्तावेज जमा कराने का विकल्प भी दिया गया है।
पेलेट गन के इस्तेमाल और महिला प्रदर्शनकारियों से जुड़े मामलों पर फोकस
समिति हिंसा से संबंधित उन सभी मुद्दों की जांच करेगी, जिनका उल्लेख सुप्रीम कोर्ट के 18 अगस्त 2026 के आदेश के पैराग्राफ 12 और 13 तथा 10 सितंबर 2026 के आदेश के पैराग्राफ 5(i) में किया गया है।
जांच के दौरान पेलेट गन के इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित लक्षित हिंसा और उत्पीड़न तथा दोनों पक्षों की ओर से हुई अत्यधिक हिंसा के मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं से जुड़ी शिकायतों पर भी विचार किया जाएगा।
समिति इन मामलों से संबंधित तथ्यों और उपलब्ध जानकारियों के आधार पर जांच करेगी। प्रभावित लोगों और अन्य संबंधित पक्षों से अपील की गई है कि वे घटनाओं से जुड़ी जानकारी, दस्तावेज और अपने सुझाव उपयुक्त प्रारूप में पोर्टल पर अपलोड करें।
पहचान गोपनीय रखकर भी दर्ज करा सकते हैं शिकायत
HPEC ने पोर्टल पर संवेदनशील गवाहों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की है। प्रभावित व्यक्ति अपनी पहचान गोपनीय रखते हुए भी शिकायत या प्रतिवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।
समिति का कहना है कि संबंधित पक्ष पोर्टल के माध्यम से हिंसा की घटनाओं, कथित उत्पीड़न, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और जांच के दायरे में आने वाले अन्य मुद्दों से जुड़ी जानकारी साझा कर सकते हैं।
इस व्यवस्था से उन लोगों को भी अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, जो किसी कारण से व्यक्तिगत रूप से समिति के सामने उपस्थित नहीं होना चाहते। शिकायत दर्ज कराने से पहले पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों और प्रारूपों को देखना जरूरी होगा।
ऑनलाइन के अलावा इन माध्यमों से भी भेज सकते हैं शिकायत
जो लोग ऑनलाइन शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहते, वे अपने प्रतिवेदन और संबंधित दस्तावेज भौतिक रूप से भी जमा कर सकते हैं। इसके लिए समिति के कार्यालय में कार्यदिवसों के दौरान दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक दस्तावेज जमा करने की व्यवस्था दी गई है।
शिकायत भेजने के विकल्प:
- ऑनलाइन पोर्टल: hpec.nic.in
- ईमेल: hpec2026.enquiry@nic.in
- डाक या व्यक्तिगत रूप से जमा करने का पता: कार्यालय, उच्चाधिकार प्राप्त जांच समिति (HPEC), शिक्षा सदन, 17, राउज एवेन्यू इंस्टीट्यूशनल एरिया, नई दिल्ली-110002।
- दस्तावेज जमा करने का समय: कार्यदिवसों में दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक।
हिंसा से जुड़े मामलों की जांच करेगी समिति
जंतर-मंतर दिल्ली में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन का प्रमुख स्थल रहा है। यहां समय-समय पर अलग-अलग संगठनों और समूहों ने प्रदर्शन किए हैं। जुलाई 2026 में हुई हिंसा से जुड़े मामलों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने उच्चाधिकार प्राप्त जांच समिति गठित की है।
अब आधिकारिक पोर्टल के जरिए हिंसा से प्रभावित लोगों, पुलिसकर्मियों और अन्य संबंधित पक्षों से शिकायतें तथा साक्ष्य जुटाए जा सकेंगे। जांच में पेलेट गन के इस्तेमाल, महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित उत्पीड़न और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे मुद्दों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
समिति के सामने दर्ज शिकायतों और उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच के बाद ही संबंधित घटनाओं के विभिन्न पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

















