नई दिल्ली। तिहाड़ जेल से रिहाई के कुछ ही घंटों बाद CJP (सिटीजन्स जस्टिस फ्रंट) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की मुश्किलें फिर से बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दोनों नेताओं को समन जारी कर आज ही अपने बयान दर्ज कराने के लिए पेश होने का निर्देश दिया है। इस ताजा कानूनी शिकंजे के बाद दोनों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच ऑफिस में होगी पूछताछ
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, दोनों नेताओं को आज दोपहर 12 बजे राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय में उपस्थित होना होगा। यहां जांच अधिकारी मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर उनसे कड़ाई से पूछताछ करेंगे और उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस की इस कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
बुधवार को ही तिहाड़ जेल से हुए थे रिहा
बता दें कि इससे पहले बुधवार को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) की अदालत ने दोनों नेताओं को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके और जमानत बॉन्ड पर तिहाड़ जेल से रिहा करने का आदेश दिया था। सुनवाई के दौरान दोनों नेताओं की ओर से अदालत में लिखित हलफनामा दिया गया था कि जब तक जंतर-मंतर का क्षेत्र डी-नोटिफाई रहेगा, वे वहां न तो शांति भंग करेंगे और न ही किसी तरह के प्रदर्शन का आह्वान करेंगे।
कोर्ट में हुआ था वकीलों और पुलिस का आमना-सामना
बुधवार को सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने उनकी न्यायिक हिरासत 3 दिन और बढ़ाने की पुरजोर मांग की थी। पुलिस का तर्क था कि दोनों के बयानों में विरोधाभास है और उनकी रिहाई से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। हालांकि, उनके वकीलों द्वारा बिना शर्त माफी मांगे जाने और अदालत को दिए गए आश्वासनों को देखते हुए मजिस्ट्रेट ने पुलिस की हिरासत की मांग को खारिज कर दिया। इस मामले की अगली सुनवाई अब 23 अक्टूबर (गुरुवार) को दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई है।
नेताओं की रिहाई पर सियासत तेज, राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर
सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई का CJP संस्थापक अभिजीत दिपके और लीगल हेड रत्ना सिंह ने जोरदार स्वागत किया है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए बयान दिया कि पूरा देश इन नेताओं के साथ खड़ा है। दूसरी ओर, बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने स्पष्ट किया कि इन दोनों नेताओं की गिरफ्तारी तिरंगा फहराने की वजह से नहीं, बल्कि शांति बॉन्ड (Peace Bond) के स्पष्ट उल्लंघन के कारण की गई थी।
14 अक्टूबर को निवारक कार्रवाई के तहत लिए गए थे हिरासत में
गौरतलब है कि सौरव दास और आशुतोष रांका को गत 14 अक्टूबर को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत निवारक कार्रवाई के रूप में हिरासत में लिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने प्रतिबंधित और डी-नोटिफाइड घोषित हो चुके जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल पर बिना अनुमति प्रवेश किया था, जो पूर्व में भरे गए पीस बॉन्ड का सीधा उल्लंघन था। इसके बाद 19 अक्टूबर को उनकी कस्टडी दो दिन के लिए और बढ़ाई गई थी, जबकि दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए एसईएम कोर्ट के फैसले का इंतजार करने को कहा था।



















