पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिए गए विवादित बयान के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने तीखा पलटवार किया है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने राहुल गांधी के आरोपों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस की आपसी सांठगांठ का नतीजा करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों ही राष्ट्रीय दलों को किसी राज्य में गैर-भाजपा और गैर-कांग्रेसी सरकार का अस्तित्व पच नहीं रहा है।
“पांच राज्यों में चुनाव, फिर भी केवल पंजाब को ही क्यों बनाया निशाना?”
सौरभ भारद्वाज ने प्रेस वार्ता के दौरान सवाल उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गोवा सहित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों—जैसे योगी आदित्यनाथ या पुष्कर सिंह धामी—पर हमला करने से बच रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केवल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को निशाना बना रहे हैं। इससे यह साफ जाहिर होता है कि चुनाव आने तक दोनों दल (भाजपा और कांग्रेस) मिलकर केवल ‘आप’ सरकार को घेरने की राजनीति करेंगे, क्योंकि उन्हें जनता की भलाई या असल मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है।
राहुल गांधी के आरोपों पर सौरभ भारद्वाज का तीखा हमला
राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा कि राहुल गांधी पर भी अतीत में नशा करने के कई तरह के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन केवल आरोपों से कुछ साबित नहीं होता। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की हल्की और गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी से बचना चाहिए। राहुल गांधी का यह हमला उनकी बेहद निचले स्तर की राजनीति को दर्शाता है।
संगरूर की ‘इंसाफ रैली’ में राहुल गांधी ने क्या कहा था?
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब 4 नवंबर को संगरूर में कांग्रेस की ‘इंसाफ रैली’ को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर व्यक्तिगत आरोप लगाए।
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पुराने दिनों का जिक्र: राहुल गांधी ने कहा, “जब हम और मान लोकसभा में साथ थे, तब वे सुबह 11 बजे ही हमारे बीच बैठते थे और उनकी सांसों से शराब की महक आने लगती थी।”
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नशे की समस्या पर घेरा: राहुल ने आगे कहा कि शराब पीना उनका निजी मामला हो सकता है, लेकिन अगर कोई राज्य नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहा है, तो उसका मुख्यमंत्री हर शाम नशे की स्थिति में नहीं हो सकता। पंजाब को एक ऐसे नेतृत्व की जरूरत है जो राज्य के दर्द को समझे।
‘इंडिया’ गठबंधन के सहयोगियों में बढ़ा तनाव
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी आमने-सामने हैं। हालांकि दोनों दल राष्ट्रीय स्तर पर ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन पंजाब में चुनावी शुरुआत के साथ ही दोनों के बीच का यह राजनीतिक टकराव अब व्यक्तिगत हमलों तक पहुंच चुका है। AAP का दावा है कि पंजाब में पार्टी को मिल रहे अपार जनसमर्थन से बौखलाकर ही विपक्षी दल इस तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।



















